नई दिल्ली(एजेंसी)-देश में कोरोना से उपजे हालात को लेकर पीएम मोदी ने गुरुवार को व्यापक समीक्षा बैठक की।इस दौरान उनके साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, पीयूष गोयल समेत अन्य मंत्री और शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।बैठक के दौरान देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में कोरोना से बिगड़े हालत की तस्वीर पीएम मोदी के सामने पेश की गई।प्रधानमंत्री को समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि देश में इस वक्त करीब 12 राज्य ऐसे हैं जहां पर 1 लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं। इसके साथ ही, पीएम ने उन जिलों के बारे में भी जाना जहां पर सबसे ज्यादा एक्टिव कोरोना संक्रमण के केस हैं।
टीकाकरण तेज करने पर पीएम का जोर
बैठक के दौरान कोरोना के त्वरित और समग्र रोकथाम के उपायों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी को दस प्रतिशत या अधिक पॉजिटिविटी रेट वाले जिलों के बारे में जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री ने उच्च संक्रमण दर वाले ऐसे जिलों पर खासतौर से फोकस करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने दवाओं की उपलब्धता की बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि दवाओं और रेमडेसवीर इंजेक्शन के प्रोडक्शन बढ़ाने की दिशा में कार्य चल रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने वैक्सीन प्रोडक्शन बढ़ाने और वैक्सीनेशन पर जोर दिया। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को बताया गया कि 17.7 करोड़ वैक्सीन राज्यों को भेजी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों में बर्बाद हुई वैक्सीन की भी जानकारी ली। प्रधानमंत्री को बताया गया कि 45 वर्ष से अधिक उम्र की 31 प्रतिशत आबादी को पहली डोज लग चुकी है। पीएमओ के बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्यों को जागरूक करने की जरूरत है ताकि टीकाकरण की गति धीमी नहीं पड़े। लॉकडाउन के बावजूद लोगों को टीकाकरण की सुविधा दी जानी चाहिए, टीकाकरण में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों को किसी और कार्य में नहीं लगाया जाना चाहिए।बता दें कि भारत में कोरोना वायरस के मामले हर दिन एक नया रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं और गुरुवार को संक्रमण के 4,12,262 नए मामले दर्ज किए गए तथा 3,980 लोगों ने इस महामारी से जान गंवाई। इसके साथ ही संक्रमण के कुल मामले देश में 2,10,77,410 हो गए और मृतकों की संख्या 2,30,168 पर पहुंच गई है।