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ऊंचाई पर रहने वाला गिद्ध मिला कानपुर में

By Shakti Prakash Shrivastva on January 10, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

मौसम की वजह या कुछ और लेकिन हिमालय की ऊंचाइयों पर पाया जाने वाला गिद्ध कानपुर में पाया गया। पिछले दिनों कानपुर के बज़रिआ स्लाटर हाउस पर अचानक एक गिद्ध का जोड़ा दिखा। जो देखने में सामान्य से अलग था लिहाजा इलाकाई लोगों में कौतूहल का विषय बन गया। एक गिद्ध तो उड़ गया लेकिन दूसरे को लोगों ने पकड़ लिया। बाद में चिड़ियाघर प्रशासन ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। वन्य जीव एक्सपर्ट डॉ आर के सिंह की मुताबिक ये हिमालयन ग्रिफान प्रजाति का गिद्ध है। इस प्रजाति को विशिष्ट श्रेणी में रखा गया है। इसका सिर सफेद, पंख काफी बड़े और पूंछ छोटी होती है। इसकी गर्दन पर सफेद पंख होते हैं तथा चोंच पीले रंग की होती है साथ ही इसके शरीर का रंग मटमैला सफेद होता है। इसके पंख गहरे काले-भूरे रंग के होते हैं। भूख की वजह से ये गिद्ध बेहाल हो गया था। चिड़ियाघर प्रशासन की मुताबिक गिद्ध जब लाया गया तो वो भूख से बेहाल था। चिड़ियाघर में आते ही उसे 800 ग्राम मीट खिलाया गया तब उसमें थोड़ी चेतना आई। इस गिद्ध का वजन करीब 14 किलो और इसके दोनों तरफ के पंख सात फीट लंबे हैं। इसकी ऊंचाई लगभग ढाई फीट है। जानकारों की मुताबिक इस प्रजाति के हिमालयी गिद्ध अधिकतर तिब्बती पठार व भारत, नेपाल, भूटान, मध्य चीन और मंगोलिया के हिमालयी क्षेत्र में पाए जाते हैं। यह पश्चिम में कज़ाखस्तान और अफगानिस्तान से लेकर पूर्व में पश्चिमी चीन तथा मंगोलिया तक फैले मध्य एशियाई पहाड़ों में भी पाया जाता है। कभी-कभी यह उत्तरी भारत में प्रवास करता है लेकिन अमूमन इसका प्रवास केवल ऊंचाई वाले स्थानों पर होता है। हिमालय क्षेत्र में पाये जाने वाले ये गिद्ध इस मौसम में कभी-कभी बर्फीली तूफान के दौरान भोजन की तलाश में मैदानी इलाके में पहुँच जाते हैं। इस इलाके में भी ये अमूमन सितंबर-अक्टूबर महीने या इसके बाद ही देखे जाते हैं।

गिद्ध इको फ्रेंडली माना जाता है। भोजन में मृत पशुओं का मांस खाकर यह वातावरण शुद्ध रखते हैं। भोजन करते समय इनका पूरा सिर गंदा हो जाता है। इसलिए भोजन करने के बाद ये गिद्ध नहाना पसंद करते है। कानपुर चिड़ियाघर में इस समय कुल तीन इस प्रजाति के गिद्ध हैं। पहली नवंबर 2022 को एक गिद्ध इटावा से लाया गया है, जबकि एक पहले से ही चिड़ियाघर में है।

 

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