Responsive Menu
Add more content here...
March 9, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

  • Home
  • पूर्वांचल न्यूज
  • गोरखपुर में डेंगू का डंक : डेंगू-टू-स्ट्रेन का कहर अधिक, टूटा पुराना रिकार्ड

गोरखपुर में डेंगू का डंक : डेंगू-टू-स्ट्रेन का कहर अधिक, टूटा पुराना रिकार्ड

By Shakti Prakash Shrivastva on November 4, 2022
0 360 Views

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव की आवाज में  पूरी रिपोर्ट  सुनने के लिए क्लिक करें।

पूर्वाञ्चलनामा न्यूज, गोरखपुर। गोरखपुर जिले के अतीत पर गौर करें तो इन महीनों में यह इलाका मासूम बच्चों के लिए अभिशप्त बीमारी इन्सेफेलाइटिस के कहर से जूझ रहा होता था। भला हो सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिनकी वजह से आज इन्सेफेलाइटिस लगभग अप्रभावी हो गयी है। लेकिन इस वर्ष मच्छर जनित एक दूसरी बीमारी डेंगू इस इलाके में अपना असर दिखा रहा है। इसके मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। मरीजों का आंकड़ा पुराने रिकार्ड से भी आगे पहुँच चुका है। गुरुवार को दस सालों में मरीजों की सर्वाधिक संख्या से भी अधिक 177 दर्ज की गयी। अधिकांश मरीजों में डेंगू-टू-स्ट्रेन के लक्षण पाये गए हैं। हालांकि इसका प्रभाव घातक नहीं है लिहाजा राहत है।

गुरुवार को जिले में डेंगू के आठ संक्रमित मिले है। इनमें छः गोरखपुर नगर निगम क्षेत्र के है जबकि शेष दो ग्रामीण इलाके के हैं। इसके बाद से जिले में कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है। यह आंकड़ा पिछले दस वर्षों में सर्वाधिक है। इसके पहले 2019 में 114 और 2016 में 168 तक आंकड़ा पहुंचा था। जिला मलेरिया अधिकारी अगंद सिंह की मुताबिक खोराबार के जंगल चवरी का युवक, नीनाथापा झरना टोला की महिला, राम जानकीनगर की महिला, मानस विहार का युवक, मोहद्दीपुर का एक व्यक्ति, रसूलपुर का बालक, तिवारीपुर की महिला सहित चौरीचौरा के युवक में डेंगू की पुष्टि हुई है। सभी को बुखार के साथ डेंगू के लक्षण थे। किट से जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। एलाइजा जांच में भी सभी में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब तक महानगर के 137 घरों को बचाव संबन्धित नोटिस दिया जा चुका है। साथ ही 32,716 जगहों पर सोर्स रिडक्शन किया गया है।

अधिकांश नमूनों में डेंगू-टू स्ट्रेन
सच्चाई तो ये है की जिले में डेंगू-टू स्ट्रेन का प्रकोप अधिक है। सर्वाधिक मरीज इसी स्ट्रेन से प्रभावित हैं। चूंकि ये स्ट्रेन खतरनाक नहीं है लिहाजा चिंता की कोई बात नहीं है। इस बात का खुलासा रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) के शोध में हुआ है। डेंगू के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए आरएमआरसी ने इनकी जीनोम सीक्वेंसिंग कराई। सीक्वेंसिंग के लिए गए कुल 40 नमूनों में से 38 नमूनों में डेंगू-टू स्ट्रेन की पुष्टि हुई है। आरएमआरसी के मीडिया प्रभारी डॉ. अशोक पांडेय की मुताबिक इस वर्ष अब तक डेंगू के करीब 300 नमूने मिले थे। सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें रैंडम 40 नमूनों में डेंगू के स्ट्रेन की पहचान के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग की गई। अधिकांश में डेंगू-टू स्ट्रेन की पुष्टि हुई है।

डेंगू की रोकथाम के लिए नगर निगम ने भी कसी कमर

नगर आयुक्त अविनाश सिंह की मुताबिक शहर में बढ़ते डेंगू के मामलों को देखते हुए इनकी रोकथाम के लिए नगर निगम भी पूरी तरह तैयार है। निगम की टीम लगातार शहर के विभिन्न इलाकों में सोडियम हाइपोक्लोराइड एवं एंटीलार्वा का छिड़काव कर रही है। इसके लिए नगर निगम की ओर से प्रत्येक जोन में एक-एक वाहन के अलावा भी छह वाहन अतिरिक्त लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री का शहर होने की वजह से जिले का स्वास्थ्य महकमा भी डेंगू को लेकर बहुत सजग है। जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी की मुताबिक अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हर संभव प्रबंध किए गए है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *