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बीजेपी हुई अलर्ट : पार्टी ज्वाइन करने से पहले होगी नेताओं की स्क्रीनिंग, दागी नही बन सकेंगे सदस्य

By Shakti Prakash Shrivastva on August 11, 2021
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लखनऊ, (मुख्य संवाददाता)। दागी नेताओं को पार्टी में सदस्यता दिलाने की हड़बड़ी अब बीजेपी को भारी पड़ने लगी है। प्रयागराज की पार्टी सांसद डॉ रीता बहुगुणा जोशी के घर, पूर्व में हुए आगजनी की घटना के आरोपी बीएसपी के बाहुबली पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू की सदस्यता के मामले में पार्टी को बैकफुट पर आना पड़ा। डॉ जोशी के विरोध के बाद सप्ताह भीतर ही बबलू को वापस बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अब ऐसे मामले भविष्य में न हों इसके लिए पार्टी ने यूपी में एक स्क्रीनिंग कमेटी बनाने का निर्णय लिया है। यह कमेटी नेताओं के चाल-चरित्र का विश्लेषण कर यह तय करेगी कि इन्हे पार्टी में शामिल करना है या नहीं। कानपुर में एक गैंगस्टर और सजायाफ्ता को बीजेपी युवा मोर्चा का प्रदेश मंत्री बनाकर पार्टी विरोधियों के निशाने पर आ चुकी पार्टी ने बबलू मामले में सबक लेते हुए यह निर्णय लिया है।

पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी की मुताबिक पार्टी 5 वरिष्ठ नेताओं की 5 सदस्यीय कमेटी बनाने जा रही है। पार्टी इसमें कुछ सीनियर बीजेपी प्रवक्ताओं को भी कमेटी का सदस्य बना सकती है। कमेटी की जिम्मेदारी, पार्टी की सदस्यता चाहने वालें नेताओं की आपराधिक मामलों के बारे में भी जानकारी जुटाएगी। साथ ही समाज में इनकी छवि के बारे में भी पता लगाएगी। बाहुबली पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बब्लू को 4 अगस्त को बीजेपी की सदस्यता दिया गया था। उनको पार्टी में शामिल करने को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री रह चुकीं और अब पार्टी सांसद डॉ रीता बहुगुणा जोशी ने मुखर विरोध कर दिया। यह मामला पार्टी के केन्द्रीय नेताओं तक पहुंच गया लिहाजा 10 अगस्त को पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे पहले बीजेपी ने गैंगस्टर अरविंद राज त्रिपाठी को भाजयुमो (भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा) का प्रदेश मंत्री बना दिया था। इसको लेकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दबी जुबान विरोध किया था। जब सवाल उठने लगे तब पार्टी को सफाई देनी पड़ी थी। पार्टी का मानना है कि पार्टी अपने अनुशासन और जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्धता को सबसे पहले रखती है। जितेंद्र सिंह की सदस्यता विवाद से सबक मिला है। साथ ही पार्टी ने जितेंद्र सिंह को बाहर का रास्ता दिखाकर यह साबित कर दिया है कि अब साफ-सुथरी छवि रखने वाले लोग ही बीजेपी परिवार का हिस्सा होंगे।

 

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