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कांग्रेसी हुए बृजभूषण !

By Shakti Prakash Shrivastva on January 8, 2025
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                                                                                   शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

सियासत एक ऐसा क्षेत्र है जहां किसी नेता का ठौर सुनिश्चित नहीं होता है। वही नेता आज किसी सियासी साल की नुमाइंदगी करता है अगले दिन किसी और दल में दिखता है। कारण साफ है किसी नेता का दलीय ठिकाना उसके हित पर निर्भर करता है। जब तक उसका हित सधता है तब तक उसका ठिकाना उस दल में रहता है वरना बदल जाता है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि यह फार्मूला उत्तर प्रदेश की कैसरगंज संसदीय सीट से पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर भी लागू हो। लेकिन साल की शुरुआत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने जो बयान दिया है। उसने सियासी पंडितों के कान खड़े कर दिए हैं। चर्चा होने लगी है कि बृजभूषण सिंह कहीं कांग्रेस में तो भविष्य नहीं तलाश रहे है। सियासत है यहाँ असंभव भी संभव और संभव भी असंभव हो जाता है। लिहाजा कुछ भी हो सकता है।

साल की शुरुआत में ही बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर कुछ ऐसे बयान दिए जिसके कई तरह के सियासी संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश को राहुल गांधी की जरूरत है। 2025 में राहुल गांधी को सीरियस हो जाना चाहिए और अपनी बचकानी हरकतें छोड देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि काँग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अयोध्या आना चाहिए और वहाँ भगवान श्रीराम और हनुमान जी के दर्शन भी करने चाहिए। राहुल सद्बुद्धि प्राप्त करें और देश के लिए जो जरूरी मुद्दे है उनको उठाते रहे। यह भी कहा कि विपक्ष और राहुल गांधी का राजनीति में सक्रिय रहना बहुत जरूरी है। मगर वो जनता से जुड़े ऐसे मुद्दे उठायें जिनका जनता से सरोकार हो।

जो बृजभूषण हमेशा कांग्रेस और उनके नेता राहुल गांधी पर हमलावर रहा करते थे। उनके मुंह से राहुल गांधी को सुझाव दिए जाने जैसे बयान के बहुतेरे निहितार्थ है। सियासी गलियारों में इसे दिग्गज बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के अगले राजनीतिक कदम के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे समय में जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद उनके अन्त्येष्टि स्थल को लेकर बीजेपी और काँग्रेस के बीच जुबानी जंग की सियासत चल रही हो। इस बीच बृजभूषण का यह बयान सियासत में साधारण बयान की श्रेणी में नहीं माना जा सकता है। हालांकि जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने धरना-प्रदर्शन कर बृजभूषण के खिलाफ मोर्चा खोला था। तब से ही बीजेपी और बृजभूषण के बीच रिश्ते की खाई गहरी होती चली गई। ऐसा माना जा रहा था कि बृजभूषण बीजेपी में अपने को बहुत सहज नहीं महसूस कर रहे हैं। 2024 लोकसभा के पहले इस बात की चर्चा गोंडा और उसके आस-पास के जिलों में बड़ी तेजी से थी कि बृजभूषण समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उन्हे टिकट बीजेपी ने न देकर उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण शरण सिंह को दिया था। करण वर्तमान में कैसरगंज से बीजेपी सांसद हैं। बीजेपी में बृजभूषण की जो मौजूदा हैसियत है वो भी बहुत अच्छी नहीं है। उनके धुर विरोधी और गोंडा सांसद कीर्तीवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया को केंद्र सरकार में जगह दिए जाने से भी बृजभूषण भीतर-भीतर आहत है। ऐसे में अगर बृजभूषण बीजेपी को टाटा करते है तो बहुत आश्चर्य भी नहीं होना चाहिए। हालांकि अभी वो बीजेपी में है और उनका नाम बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शुमार है। बृजभूषण छः बार सांसद रह चुके हैं।

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