Responsive Menu
Add more content here...
June 8, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

पनियरा के पानी में कमल खिलने से रोकेगा ‘पंजा’!

By Shakti Prakash Shrivastva on January 25, 2022
0 687 Views

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

          महराजगंज जिले की 319 नंबर की पनियरा विधानसभा सीट इन दिनों चुनावी माहौल में ख़ासी सुर्खियां बटोर रहा है। पूरे प्रदेश में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस यहाँ अपने जमीनी उम्मीदवार होने की वजह से चर्चा में है। हालांकि अभी तक कांग्रेस के अलावा किसी भी दल ने इस विधानसभा से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। सपा, बसपा, बीजेपी सहित अन्य दलों की ओर से संभावित उम्मीदवार टिकट मिलने की उम्मीद में गाँव-गाँव जनसम्पर्क में लगे हुए है। चूंकि अधिकृत उम्मीदवारी नहीं होने से उनका जमीनी प्रयास भी महज एक मौजूदगी का एहसास कराने सरीखा ही जान पड़ रहा है। इसमें भी माइलेज कांग्रेस के उम्मीदवार को मिल रहा है। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश लागू होने से काफी पहले से ही कांग्रेस प्रत्याशी शर्देंदु पाण्डेय गाँव-जवार में पूरे मन से डेरा डाले हुए हैं। प्रदेश में चुनावी दुदुंभी बजने से पहले ही श्री पाण्डेय विधानसभा क्षेत्र के लगभग सभी गांवो में एक राउंड संपर्क कर अपनी उपस्थिती दर्ज करा चुके थे। अन्य प्रत्याशियों की तुलना में मतदाताओं से पहले रूबरू होने का भी फायदा श्री पाण्डेय को मिल रहा है। बक़ौल श्री पांडेय मुजूरी गाँव से लगभग दस किलोमीटर उत्तर दिशा के कुछ गांवो में पहुँचने पर पता चला कि वहाँ हाल के वर्षों में कोई जनप्रतिनिधि गया ही नहीं है। गाँव वालों ने इनसे मिलने के बाद भावुक हो बीर बहादुर सिंह को याद करते हुए कहा कि उनके बाद आप ही से भरोसा लग रहा है कि आप हमारी समस्याओं को अपना समझेंगे। मेरे आश्वासन दिये जाने पर कई ग्रामीणो की आँखों में आँसू छलक आए। रूँधे गले से उन्होने हमे जीत का आशीर्वाद दिया। राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले जातीय समीकरर्णो को अगर देखें तो इस क्षेत्र में अल्पसंख्यक, सैंथवार-कुर्मी-पटेल, निषाद और ब्राह्मण मतदाता ही जीत हार का पैमाना निर्धारित करता है। अभी तक के  मौजूदा समीकरण के आधार पर बीजेपी को पूर्ण समर्थन देने वाला अधिकांश ब्राह्मण इस बार नाराजगी के चलते कुलीन ब्राह्मण प्रत्याशी देने के नाते कांग्रेस को ही अपना समर्थन देने के मूड में दिख रहा है। सपा से यदि कोई बहुत गंभीर प्रत्याशी क्षेत्र में नहीं मिला तो अल्पसंख्यको और पिछड़ों का भी बड़ा हिस्सा कांग्रेस में जा सकता है। समय से पहले ही से क्षेत्र में जनसम्पर्क करने के नाते बड़ी संख्या में मतदाताओं से सीधा साक्षात्कार होना भी श्री पाण्डेय के हित में है। क्योंकि अधिकांश ग्रामीण उनके परिवार से पूर्व परिचित भी है व उन्हे इस बात का भी भरोसा है कि रात-बिरात आवश्यकता पड़ने पर हमें आप जैसे जनप्रतिनिधि से मदद मिल सकती है। अपने बात-व्यवहार से श्री पाण्डेय ग्रामीण मतदाताओ का यह भरोसा भी पाने में कामयाब हो गए है। यदि जातीय समीकरण प्रभावित करने वाला कोई अति विशेष उम्मीदवार क्षेत्र में नहीं आया तो माजूदा  समीकरण यह साबित करने के लिए काफी है कि इस चुनाव में पनियरा विधानसभा क्षेत्र में लगभग दो दशक का बनवास कट चुकी कांग्रेस का पंजा पनियारा के पानी में कमल खिलने से रोक देगा।

 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *