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झूठा साबित हुए ट्रम्प !

By Shakti Prakash Shrivastva on June 30, 2025
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                                                                            शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

ईरान और इजराइल का युद्ध भले ही समाप्त हो गया हो लेकिन इस युद्ध के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दिया गया बयान अब युद्ध बंदी के इतने दिनों बाद झूठा साबित हो रहा है। महज हफ्ते दो हफ्ते पहले की बात है जब ईरान और इजराइल के बीच युद्ध अपने चरम पर था। अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर भीषण हवाई हमला किया था। हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि हमने ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। देश को दशकों पीछे धकेल दिया है। लेकिन अब जबकि संयुक्त राष्ट्र संघ की परमाणु निगरानी संस्था IAEA ने चेतावनी दी है कि ईरान जल्द ही यूरेनियम संवर्धन फिर से शुरू कर सकता है। यह चेतावनी ही ट्रम्प के बयान को झूठा साबित करता है। क्योंकि अगर अमेरीकी सेना ने ईरान के सभी परमाणु ठिकानों को तबाह कर दिया है तो फिर यूरेनियम संवर्धन जैसी संभावना कैसे बन रही है जिसकी जानकारी IAEA ने दी है।

इसका मतलब ये कि ईरान के फ़ोर्डों सहित तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरीकी मिसाइलों ने जब बमबारी की थी उस समय अंतर्राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की खबरों में यह खबर प्रमुखता से प्रसारित हुई थी कि बमबारी से पहले ही ईरान ने यूरेनियम जैसे अधिकांश आवश्यक सामग्री वहाँ से कहीं अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है। इससे संबंधित सैटेलाइट से लिए गए कुछ चित्र भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे। इस चित्र में कुछ बड़े वाले ट्रकों की आवाजाही फ़ोर्डों के निकट दिख रहा था।

लेकिन लोगों ने ट्रम्प के बयान के आगे इस दिखती तस्वीर को भी झूठा मान लिया था। अब जबकि दुनिया की सबसे बड़ी संयुक्त राष्ट्र संघ की परमाणु निगरानी संस्था IAEA ने यह चेतावनी दी है तब लोगों को यह लगा है कि वाकई ईरान ने हमले से पहले ही वहाँ से आवश्यक सामग्री हटा लिया था। इससे सबसे बड़ा नुकसान अमेरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के गुडविल को हुआ है। क्योंकि पूर्व में उनके द्वारा दिया गया बयान झूठा साबित हो गया। IAEA प्रमुख राफेल ग्रेसी की मुताबिक ईरान कुछ ही महीनों में यूरेनियम संवर्धन शुरू कर सकता है। मतलब वो परमाणु बम बनाने के बेहद नजदीक है।

इसी वजह से जैसे ही ईरान का इजराइल से चल रहा युद्ध बंदी की घोषणा हुई ईरान ने अपनी संसद में पास कराकर IAEA से संपर्क तोड़ दिया था। हालांकि IAEA ने पहले ही यह आशंका जाहिर कर दिया था कि ईरान ने अमेरीकी हमले के पहले ही अपने 408.6 किलो संवर्धित यूरेनियम कही अन्यत्र शिफ्ट करा दिया था। यह यूरेनियम साठ प्रतिशत तक संशोधित था। यह बम बनाने के स्तर से बहुत कम नीचे है। इस संवर्धित यूरेनियम से नौ से अधिक परमाणु बम बनाए जा सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर अमेरीका वास्तव में परमाणु समझौता करना चाहता हैं तो उन्हे उनके सर्वोच्च नेता के बारे में असम्मानजनक भाषा को बंद करना होगा।

ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि ईरान कब से अपनी परमाणु गतिविधियां शुरू करता है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति की इस पर प्रतिक्रिया क्या होती है।

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