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नाम से ‘शेरपुरिया’ काम से गीदड़ टाइप ठग!

By Shakti Prakash Shrivastva on April 28, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

            सोशल मीडिया पर नामचीन हस्तियों के साथ फ़ोटो चस्पा करना आज के अधिकांश युवाओं की आदत में शुमार हो गया है। भले ही वो फ़ोटो बिना भाव वाली ही क्यों न हो। ऐसे युवाओं का गाजीपुर के शेरपुर गाँव का निवासी और एसटीएफ द्वारा ठगी में गिरफ्तार किया गया महाठग संजय राय शेरपुरिया आइकान हुआ करता था। दिल्ली के बड़े उद्योगपति गौरव डालमिया से उनका केन्द्रीय जांच एजेंसी द्वारा किये जा रहे मामले को छः करोड़ रुपये में रफादफा करने की डील में एसटीएफ के हत्थे चढ़ने से पहले तक इसके फालोवर युवा यह कहते नही अघाते थे कि क्या जलवा है संजय का अपने बलबूते गुजरात जाकर बडा आदमी बना और अब अपने क्षेत्र के विकास खासकर बेरोजगारों को रोजगार दिए जाने के प्रति संकल्पित है। चूंकि शेरपुरिया स्वयं भी शोबिजनेस का बड़ा शोमैन था। सोशल मीडिया पर वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, प्रमुख संत रामभद्राचार्य, केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर समेत कई नामचीन हस्तियों के साथ मौजूद है। लेकिन नाम से शेरपुरिया के काम का लेखाजोखा जब सामने आया तो वो गीदड़ टाइप ठग साबित हुआ। उसके बारे में जिस तरह की ठगी की कहानिया प्रकाश में आ रही है उससे तो इस पर भी शक होता है कि कहीं सोशल मीडिया के फ़ेसबुक और ट्वीटर एकाउंट में पड़ी ये तस्वीरे भी कलाकारी से तो नहीं बनाई गई है। गुजरात में कारोबार करने वाला शेरपुरिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का डिफॉल्टर भी है। संजय और उसकी पत्नी कंचन प्रकाश राय पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनी के जरिए SBI को साढ़े तीन सौ करोड़ का चूना लगाया है। यही नहीं देश के प्रधानमंत्री, जज जैसी नामचीन हस्तियों से संबंधों का हवाला देकर कई लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुका है। मीडिया की सुर्खियां बन रही उसकी ठगी का आलम ये है कि वह विधायक से सांसद तक का टिकट, ठेका और पद दिलाने का दावा करता था। STF के इंस्पेक्टर सचिन कुमार की मुताबिक संजय ने यूथ रूरल एन्ट्रीप्रीनियूर फाउंडेशन नाम से कम्पनी रजिस्टर्ड कराई। इसमें डमी डायरेक्टर बनाकर यह ठगी करता था। इसी में उद्योगपति से पैसा मंगाने पर वह फंस गया। इसका ब्योरा बैंक डिटेल में भी आ गया है।

STF के मुताबिक इंटेलिजेंस से इनपुट मिलने पर केंद्रीय जांच एजेंसी और नोएडा STF ने जांच के बाद संजय को पूछताछ के लिए कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। STF सूत्रों के मुताबिक, संजय यूपी, दिल्ली और गुजरात में ठगी का गिरोह चला रहा है। उन्हीं के माध्यम से उद्योगपति गौरव डालमिया के संपर्क में आया। संजय ने गौरव से छह करोड़ की डील की। ये रकम 21 और 23 जनवरी को ली थी। उसके बैंक खाते की पड़ताल में ये बात सामने आई है। ये रकम संजय के यूथ रूरल एन्ट्रीप्रेन्यूर फाउंडेशन के खाते में ली थी। इसके बाद एलआईयू, एसटीएफ ने संजय के अन्य खातों और ऑफिस की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। इसी तरह गाजीपुर के एक ठेकेदार ए. अहमद को माइनिंग का ठेका दिलाने के नाम पर ढाई करोड़ वसूले थे। वहीं, संजय प्रकाश राय को मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला और टैक्स चोरी करने में भी लिप्त बताया गया है। STF इसकी पड़ताल कर रही है। गाजीपुर से खुद को बीजेपी से सांसद प्रत्याशी भी बताता था। इसकी कई फर्जी नामों से आईडी भी जांच में मिली है।

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