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अपराध नहीं ‘अर्थ’ वाला यूपी

By Shakti Prakash Shrivastva on December 18, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

आज से महज चार दशक पहले तक देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की पहचान देश ही नहीं विदेश तक में अपराध और अपराधियों की वजह से था। लेकिन अब स्थितियाँ बदल चुकी है। खासकर जबसे उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्रित्व वाली बीजेपी सरकार सत्ता में आई है। 2017 में जब पहली बार योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने सबसे पहले अपराधियों को कड़ी चेतावनी दी थी और कहा था कि या तो वे अपराध छोड़ दें या प्रदेश छोड़ दें वरना हम उन्हे दुनिया छुड़ा देंगे। इतना ही नहीं उन्होंने प्रदेश में भ्रष्टाचार, अपराध और अपराधियों के लिए जीरो टालरेंस कि नीति घोषित की। योगी के इन्ही संकल्पों की वजह से उत्तर प्रदेश में बड़ी तेजी से परिस्थितियों ने करवट ली और देखते ही देखते बीमारू राज्य के रूप में पहचाना जाने वाला प्रदेश अब देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था वाला राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सरकार की मंशा है कि 2027 तक प्रदेश को देश के सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था वाला राज्य बनाया जाए। सरकार के इस संकल्प को हालिया जारी एक रिपोर्ट ने खासा उत्साहित किया है। इन्वेस्टिंग और स्टॉक मार्केट पर नजर रखने वाले प्रमुख ऑनलाइन ब्लॉगिंग प्लेटफार्म soic.in ने सेंसस और सीएलएसए (क्रेडिट लियोनिस सिक्योरिटीज एशिया) पर आधारित एक क्रिएटिव ग्राफिक की मुताबिक देश की जीडीपी में शेयर के मामले में महाराष्ट्र पहले नंबर पर और उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर आ गया है। यह योगी सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि के बाद सरकार और उसके मुखिया दोनों का ही अगला लक्ष्य प्रदेश को जीडीपी शेयर में पहले नंबर पर पहुंचाना होना चाहिए।

इस रैंकिंग की जानकारी कंपनी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए गए क्रिएटिव से हुई। इस जानकारी की मुताबिक जहां देश की कुल जीडीपी में महाराष्ट्र 15.7% जीडीपी शेयर के साथ पहले पायदान पर है तो वहीं उत्तर प्रदेश 9.2% जीडीपी शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। उत्तर प्रदेश ने जीडीपी शेयर के मामले में तमिलनाडु (9.1%), गुजरात (8.2%) और पश्चिम बंगाल (7.5%) जैसे राज्यों पर बढ़त बनाई है। कर्नाटक (6.2%), राजस्थान (5.5%), आंध्र प्रदेश (4.9%) और मध्य प्रदेश (4.6%) जैसे राज्य उत्तर प्रदेश से काफी पीछे हैं।

इस पूरे परिवर्तन का सबसे अहम पहलू ये है कि ये सब महज लगभग सात वर्षों में हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में 14वें स्थान से दूसरे स्थान पर आ चुका है। लॉ एंड ऑर्डर, कनेक्टिविटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर में हुए सुधार के कारण ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्रदेश को 40 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं जो जल्द ही धरातल पर उतरने जा रहे हैं। इससे प्रदेश में लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वर्तमान में प्रदेश लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का निर्यात कर रहा है। बैंकों का ऋण-जमा अनुपात 42-43 प्रतिशत से बढ़कर 56 प्रतिशत हो चुका है, इसे 60 प्रतिशत तक ले जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आज यूपी रिवेन्यू सरप्लस राज्य है।
इस तरह विकास की दौड़ में उत्तर प्रदेश एक अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है कि उत्तर प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाने के साथ ही 2027 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन इकोनॉमी बनाया जाए।

 

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