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आखिर नीतीश नहीं बने संयोजक !

By Shakti Prakash Shrivastva on January 17, 2024
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

पिछले साल 2023 में विपक्ष के नेताओं ने मिलकर एक गठबंधन की नींव रखी। इस गठबंधन का नाम आईएनडीआईए यानि इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव एलायंस रखा गया। गठबंधन की पहली बैठक पटना में हुई जिसमें देश के अट्ठाईस सियासी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया था। इस गठबंधन का उद्देश्य केंद्र की सत्ता से बीजेपी को बेदखल करना रखा गया। इस बैठक के बाद बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली आदि में गठबंधन की बैठके हुई। लेकिन इन बैठकों में गठबंधन का संयोजक जैसे अहम पद पर किसी नेता का मनोनयन नहीं किया जा सका। जबकि इस गठबंधन के गठन मे बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार की अहम भूमिका रही। उन्होने ही इसके लिए दिल्ली जाकर विपक्ष के बड़े नेताओं से भेंट-मुलाक़ात करके इसका स्वरूप तय किया। उम्मीद की जा रही थी कि नीतीश कुमार को ही गठबंधन का संयोजक बनाया जाएगा। लेकिन शनिवार को गठबंधन की हुई वर्चुअल बैठक में जब नीतीश कुमार का नाम संयोजक के तौर पर प्रस्तावित किया गया तो नीतीश कुमार ने ही इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। बल्कि नीतीश ने कांग्रेस के किसी नेता को गठबंधन का संयोजक बनाने की वकालत भी की। इस बैठक में दस विपक्षी दलों के नेताओं ने शिरकत की। जेडीयू की तरफ से मंत्री संजय झा ने इस निर्णय की जानकारी दी।

इसके पहले के बैठकों में इस निर्णय पर विचार इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि सभी दलों को यह लग रहा था कि यदि किसी दल के नेता को यह पद दिया गया तो संभव है कि अन्य दलों के नेताओं में नाराजगी देखने को मिले। इस दौरान चूंकि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने थे लिहाजा गठबंधन के नेताओं ने ऐसा जोखिम लेना उचित नहीं समझा। अब चूंकि विधानसभा चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं और आने वाले दिनों में लोकसभा का चुनाव होना है। इसलिए गठबंधन के नेताओं ने इसके लिए मुफीद अवसर मान ऐसा निर्णय लिया।

बैठक में नीतीश को गठबंधन का संयोजक बनाने संबंधी प्रस्ताव डीएमके के नेता स्टालिन ने रखा। इस दौरान नीतीश के अलावा जेडीयू नेता राजीव रंजन उर्फ लललन सिंह और संजय झा मौजूद रहे। इनके अलावा कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार के उपमुख्यमंत्री और लालू पुत्र तेजस्वी यादव, डीएमके नेता स्टालिन, राष्ट्र्वादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार आदि नेता मौजूद रहे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी और शिवसेना उद्धव गुट के नेता उद्धव ठाकरे पहले से निर्धारित कार्यक्रमों के चलते बैठक में शामिल नहीं रहे। बैठक में मौजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सभी नेताओं से अपने न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया। यह जानकारी देते हुए जेडीयू नेता संजय झा ने बताया कि दलों में सीटों के बँटवारे को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका है।

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