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5 हत्यारों ने की थी अतीक-अशरफ की हत्या!

By Shakti Prakash Shrivastva on April 23, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

            माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या जब काल्विन अस्पताल में पुलिस और मीडिया की मौजूदगी में हुई तो पूरी दुनिया ने देखा कि कैमरों के सामने तीन हत्यारों ने कैसे पूरी वारदात को अंजाम दिया। लेकिन मौके पर भले ही तीन हत्यारे ही घटना को अंजाम देते दिखे लेकिन जांच एजेंसियों और क्राइम के जानकारों ने उसी समय यह कयास लगाना शुरू कर दिया था कि इनके अलावा भी कुछ और बदमाश वारदात में शामिल हो सकते है। क्योंकि शूटरों का सटीक टाइमिंग से मौके पर पहुंचना, उनके पास से मोबाइल या रुपये का बरामद न होना, तीनों का अलग-अलग जिलों का होना, प्रयागराज से कोई पुराना संबंध न होना जैसी कुछ वजहें थी जो ऐसे कयासबाजी को मजबूर कर रही थी। जांच कर रही एसआईटी ने जब इस बाबत शूटरों से पूछताछ शुरू की कि आखिर बिना मोबाइल उनको माफिया के अस्पताल पहुँचने की सटीक जानकारी कैसे मिली तो फिर एक-एक कर परत दर परत सारी स्थितियाँ स्पष्ट होती चली गईं। तभी पता चला कि उनके साथ दो और लोग थे जो पीछे से मदद करने के लिए लगाए गए थे। हालांकि वारदात के वक्त वो दोनों अस्पताल के अंदर नहीं गए थे बल्कि बाहर से ही शूटरों को माफियाबंधुओं के लोकेशन की जानकारी दे रहे थे। इन दोनों में एक स्थानीय था। उसे शहर के गली-मुहल्लों और रास्तों की बखूबी जानकारी थी। उसी ने शूटरों को खाने-ठहरने आदि का इंतजाम किया था। इन दोनों के बारे में भी एजेंसियां पता लगा रही हैं। शूटरों की मुताबिक वारदात संबंधी पूरा दिशा-निर्देश उनको इन्ही दोनों के माध्यम से दी जाती थी। लेकिन उन्हे यह नहीं बताया गया था कि ये दोनों किसके इशारे पर उनसे यह सब करा रहे हैं। हालांकि कभी-कभी वो इनके सामने ही किसी अन्य से दिशा-निर्देश फोन पर लेते थे। मिले दिशा-निर्देशों के अनुसार फिर वो दोनों इन तीनों को काम बताते थे। उनके मुताबिक उन दोनों के पकड़े जाने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि उनके आका कौन है। जिनके कहने पर वो शूटरों की मदद कर रहे हैं। पहले दिन भी मेडिकल के वक्त सभी पांचों बदमाश काल्विन अस्पताल में मौजूद थे लेकिन किन्ही कारणवश ऐन मौके पर निर्णय बदल दिया गया। माफिया अतीक और अशरफ की पुलिस रिमांड मिल जाने के बाद ये सभी बदमाश प्रयागराज पहुंचे थे। धूमनगंज इलाके की इन्होंने विधिवत रेकी की थी। थाने के इर्द-गिर्द ये 14 अप्रैल को भी पूरे दिन रहे। पुलिस के पीछे-पीछे ये कौशांबी के महगांव भी जाने वाले थे लेकिन अचानक पुलिस टीम की वापसी हो जाने से वहाँ का प्लान बदल दिया गया। बाद में पुख्ता प्लान कर घटना को अंजाम दे दिया इन बदमाशों ने। अब इनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। क्योंकि इन्ही के जरिए पूरे मामले का पर्दाफाश होना है। लिहाजा पुलिस अपनी गलती न दोहराते हुए पूरी सावधानी बरत रही है। इनका मेडिकल भी पुलिस लाइन में ही डाक्टरों की टीम द्वारा ही किया जा रहा है।

 

 

 

 

 

 

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