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सुप्रीम कोर्ट में कोविड प्रबंधन मामले पर सुनवाई स्थगित, केंद्र ने कहा- न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं

By Nikhil Pal on May 10, 2021
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नई दिल्ली(एजेंसी)- सुप्रीम कोर्ट में आज महामारी के दौरान जरूरी सेवाओं और मेडिकल उपकरणों के वितरण के संबंध में सुनवाई शुरू हुई। हालांकि तकनीकी खराबी के चलते सुनवाई को टाल दिया गया ।सुप्रीम कोर्ट में खराब सर्वर की वजह से आज सुनवाई नहीं हो सकी।अब गुरुवार को सर्वोच्च अदालत में ये मामला सुना जाएगा।साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उन्हें केंद्र का हलफनामा पढ़ने के लिए कुछ वक्त चाहिए।बीते दिन केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा दायर कर, कोविड प्लान, वैक्सीनेशन पर जानकारी दी थी।

अब गुरुवार को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सोमवार सुबह होने वाली सुनवाई से पहले रविवार शाम 218 पेज के हलफनामे में केंद्र सरकार ने कोर्ट के सभी सवालों के विन्दुवार जवाब दिए हैं।जहां केंद्र ने अपनी टीकाकरण नीति का बचाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। केंद्र ने कहा है कि देश भर में कोई भी कोविड मरीज कहीं भी अस्पताल में दाखिल हो सकता है।यानी आरटीपीसीआर रिपोर्ट या राज्य शहर में रहने के आधार कार्ड की जरूरत नहीं होगी।केंद्र सरकार ने ये भी जानकारी दी है कि कोविड सेंटर, बिस्तर, डॉक्टर, नर्स और मेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाई गई है.रिपोर्ट के अनुसार मेडिकल छात्रों को भी कोविड सेवा कार्य में लगाया जा रहा है। सौ दिन कोविड सेवा कार्य करने वालों को आर्थिक रूप से इंसेंटिव देने की भी पहल की है। वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के साथ साथ वैक्सीन की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है। पहले 60 से ऊपर, फिर 45 से साठ और अब 18 से 44 साल की उम्र वालों के लिए भी टीकाकरण शुरू कर दिया गया।राज्य भी वैक्सीन उत्पादकों से सीधे खरीद रहे हैं।गत 27 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था और चार मुद्दों पर केंद्र से जवाब देने को कहा था। ये चार मुद्दे हैं- ऑक्सीजन की आपूर्ति, राज्यों की अनुमानित आवश्यकता, केंद्रीय पूल से ऑक्सीजन के आवंटन का आधार, एक गतिशील आधार पर राज्यों की आवश्यकता के लिए संचार की अपनाई गई कार्यप्रणाली।अब इस मामले में गुरुवार को सुनवाई होगी।

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