October 2, 2022
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

  • Home
  • टॉप न्यूज
  • राहत : प्रदेश की जेलों में नहीं मिला नया कोरोना पाजिटिव कैदी

राहत : प्रदेश की जेलों में नहीं मिला नया कोरोना पाजिटिव कैदी

By Shakti Prakash Shrivastva on June 8, 2021
0 142 Views
शेयर न्यूज

लखनऊ, (मुख्य संवाददाता)। प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों और जेल प्रशासन के लिए आज का दिन बहुत राहत देने वाला रहा। राज्य के 71 जिलों मे 968 कैदियों मे कोविड की जांच हुई लेकिन उनमे से एक भी कैदी या स्टाफ कोरोना पजिटिव नहीं पाया गया।

राज्य में जिस तेजी से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी आई है उसी तरह जेलों में भी कोरोना संक्रमित कैदियों की संख्या भी कम हुई है। अब पूरे प्रदेश की जेलों में मात्र 89 कैदी और 23 स्टाफ ही कोरोना संक्रमित हैं। इस समय प्रदेश की जेलों में कुल 1,06,964 कैदी हैं। कोविड से बचाने के लिए 51 अस्थाई जेलें बनाई गयी हैं जिनमें नए आने वाले कैदियों को  14 दिन रखकर कोविड टेस्ट निगेटिव होने पर स्थाई जेलों में भेजा जाता है वहां पुनः 14 दिन कोरेण्टाइन में रखकर नेगेटिव रहने पर ही अन्य कैदियों के साथ रखा जाता है। इस तरह  अस्थायी जेलों में कुल 3111 कैदी है जबकि 71 स्थाई  जेलों  में 1,03,835 कैदी हैं। प्रदेश के जेलों में इस लहर के घातक असर से कमोबेश कैदियों को बचा लिया गया। इस लहर में मात्र 09 कैदियों और 06 स्टाफ की मृत्यु हुई। परिजनों से कैदियों की मुलाकात बन्द करने तथा बाहर से आवागमन को सख्ती से प्रतिबंधित करने, जीवन रक्षक दवाओं, आक्सीजन सिलिंडर, कंसेंट्रटर,  मास्क सैनिटाइजर  पौष्टिक आहार, योगा-व्यायाम तथा नियमित चिकित्सकीय सुविधा की पर्याप्त उपलब्धता जैसे प्रबंधन की वजह अधिक जनहानी नहीं हो सकी। अन्यथा कुल धारण क्षमता से डेढ़ गुना ज़्यादा कैदियों वाली यूपी की ओवर क्राउडेड जेलों  में कोविड ने काफी कोहराम मचाया होता। एनसीआरबी  के अनुसार पूरे देश की जेलों में वर्तमान में जितने कैदी निरुध्द है उनका लगभग एक चौथाई तो अकेले यूपी की जेलों में हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जेलों में जगह की कमी को देखते हुए कैदियों को दो माह के पैरोल और अंतरिम जमानत पर रिहा करने के आदेश के तहत अब तक अंतरिम जमानत पर 10560 विचाराधीन कैदी तथा पैरोल पर 2399 सिद्धदोष कैदी प्रदेश की जेलों से छोड़े जा चुके है।


शेयर न्यूज
Leave a comment

Your email address will not be published.