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संतों के आत्महत्या का सिलसिला : प्रयागराज के बाद अयोध्या के संत ने की आत्महत्या!

By Shakti Prakash Shrivastva on September 22, 2021
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अयोध्या, (संवाददाता)। प्रयागराज के प्रसिद्ध संत और बाघंबरी गद्दी के महंत व अखिल भारतीय अखाडा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि महराज की आत्महत्या के मामले से अभी संत समाज उबरने की कोशिश ही कर रहा था कि बुधवार को अयोध्या के एक संत ने बहुमंज़िली इमारत से कूदकर कर आत्महत्या कर ली। संत मणिराम दास अयोध्या के एक नामचीन कथावाचक थे। मात्र 35 वर्ष की अवस्था में ही उन्होने सैकड़ों की तादाद में रामकथा वाचन किया था। स्थानीय लोगों की मुताबिक संत गहरे अवसाद में रहते थे। संभवतः इसी वजह से ऐसी स्थिति आई जो उन्होने तीन मंजिली इमारत की छत से कूद कर बुधवार को जान दे दी। प्रत्यक्षदर्शियों की मुताबिक छत से गिरने के बाद उनके दोनों हाथ सीने पर थे। जिससे यह भी कयास लगाया जा रहा है कि संभव है कि उनकी हत्या की गयी हो। पुलिस इस कोण पर भी जांच कर रही है।

बताया जा रहा है कि संत मणिराम दास ने बुधवार की दोपहर अपने मंदिर श्रीराम मंत्रार्थ मंडपम की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर लीl मंदिर के लिए भोजन बनाने के बाद वे आरती में शामिल हुए और इसी दौरान वे छत पर चले गएl इसके कुछ देर बार ही लोगों ने किसी के गिरने की आवाज सुनी। देखा तो संत मणिराम दास अकचेत पड़े हुए थे। सब कुछ समाप्त हो चुका था। संत मणिराम दास बचपन से ही संत परंपरा को आत्मसात कर चुके थेl उन्होंने प्रदेश सहित देश के कई प्रांतों में करीब डेढ़ सौ रामकथाएं कहीं थीl करोना काल में मंदिर की सेवा के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भी लगे रहते थे। इनके सरल व्यवहार से मंदिर के लोग भी खुश थेl भगवान श्रीराम की भक्ति में घंटों डूबे रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा थाl उनके भाई संत राघव दास का कहना है कि यह सब कैसे हो गया कुछ समझ में नहीं आ रहाl अयोध्या कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शव का पीएम कराया गया हैl घटना के बाद मंदिर परिसर में अपने कैंप से जाकर पीएसी ने उन्हें देखा तो तीन मंजिला छत से गिरने की बात सामने आई हैl वे कैसे गिरे इसकी जांच की जा रही हैl आसपास लगे कैमरों की सहायता से पूरी स्थिति को समझने का प्रयास किया जा रहा हैl सूत्रों के अनुसार छत से गिरने के बाद भी मणिराम दास के दोनों हाथ सीने के पास थेl फिलहाल कथावाचक की असमय मौत से अयोध्या का संत समाज दुखी है। श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास, पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत कमला दास व्यास, मधुकरी संत मिथिला बिहारी दास, जगदगुरु रत्नेश प्रपन्नाचार्य ने इसे बहुत ही दुखद घटना बताकर भगवान से मणिराम दास की आत्मा की शांति की प्रार्थना की हैl

 

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