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सुवेंदु अधिकारी ने ममता के नामांकन पर जताई आपत्ति, कहा- मुख्‍यमंत्री ने 6 मामलों को एफिडेविट में छुपाया

By Purvanchalnama Desk on March 15, 2021
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कोलकाता(एजेंसी)- पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव 2021 के पहले बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फिर झटका लग सकता है। दरअसल उनपर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने के लिए जो नामांकन दाखिल किया है उसमें जानकारी छुपाई है। ममता पर यह आरोप टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारी ने लगाई है। अधिकारी का कहना है कि ममता बनर्जी ने अपने उपर चल रहे केसों का जिक्र नामांकन पत्र में नहीं किया है।

सुवेंदु ने की मामले की जांच की मांग

सुवेंदु ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने हलफनामे में असम में उनके खिलाफ दर्ज पांच मामलों और बंगाल में सीबीआइ द्वारा दर्ज एक मामले के बारे में सूचना छिपाई है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुवेंदु ने उन केस नंबरों का भी उल्लेख किया है, हालांकि ममता ने क्या-क्या अपराध किए हैं, इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया है।कभी ममता के विश्वासपात्र रहे सुवेंदु ने कहा-‘मैंने चुनाव आयोग से (उनका नामांकन पत्र खारिज करने की) अपील की है। मुझे उम्मीद है कि आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मैं इंतजार करूंगा और देखूंगा कि वे क्या कार्रवाई करते हैं। कार्रवाई कानून के अनुसार होनी चाहिए।चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने सुवेंदु की शिकायत पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि भाजपा अब नामांकन को लेकर ओछी राजनीति पर उतर पाई है। बंगाल की जनता सब देख रही है और इसका उपयुक्त जवाब देगी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मार्च, 2018 में एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा था कि चुनाव अधिकारी संपत्ति या आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंधित सूचना का खुलासा नहीं करने पर उम्मीदवार का नामांकन खारिज कर सकते हैं।अपने उम्मीदवार के बारे में जानना मतदाताओं का मौलिक अधिकार है और नामांकन पत्र में इस कॉलम को रिक्त छोडऩा उनके इस अधिकार का हनन है।


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