Responsive Menu
Add more content here...
July 22, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

  • Home
  • टॉप न्यूज
  • अमेरिका से अधिक आबादी ने लगाई संगम में डुबकी !

अमेरिका से अधिक आबादी ने लगाई संगम में डुबकी !

By Shakti Prakash Shrivastva on February 16, 2025
0 314 Views

               शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव
शीर्षक पढ़ने से एकबारगी मन इसे सही मानने को तैयार नहीं होगा कि कहीं संगम में इतनी बड़ी श्रद्धालुओं की संख्या कैसे डुबकी लगा पाएगी। लेकिन ऐसा कहना महज कोरी कल्पना आधारित नहीं बल्कि आंकड़ों के आधार पर है। प्रयागराज में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के पतित पावनी संगम तट पर इस वर्ष महाकुंभ का आयोजन किया गया है। प्रत्येक बारह वर्षों बाद देश के चार स्थानों पर क्रमशः लगने वाला कुम्भ जब बारहवीं बार आयोजित होता है मतलब एक सौ चौवालीस साल बाद तब उसे महाकुंभ कहा जाता है। इस महाकुंभ को सनातन धर्मावलंबियों की आस्था एवं विश्वास का सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है। यही वजह है कि बहुसंख्यक सनातनी आबादी वाले अपने देश में इलाकाई सरकारें इस आयोजन को अपना प्रतिष्ठा मान कर आयोजित करती हैं। इस बार यह महाकुंभ तीर्थराज प्रयागराज में 13 जनवरी से चल रहा है। यह आयोजन महाशिवरात्रि यानि 26 फरवरी तक चलेगा।
पौराणिक मान्यता की मुताबिक समुद्र मंथन के दौरान कुम्भ से छलकी अमृत की बूंदे कुल बारह स्थानों पर गिरी। इन स्थानों में आठ स्थान देवलोक और चार स्थान भूलोक यानि पृथ्वी पर हैं। पृथ्वी पर अमृत बूंदें उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, मध्य प्रदेश के उज्जैन, महाराष्ट्र के नासिक और उत्तराखंड के हरिद्वार में गिरी। इन्ही जगहों पर कुम्भ का कायोजन होता है। प्रत्येक छः वर्ष पर अर्धकुम्भ और बारह वर्ष पर कुम्भ लगता है। बारहवे कुम्भ के आयोजन को महाकुंभ कहा जाता है। इस बार प्रयागराज में आयोजित कुम्भ नहीं महाकुंभ है। यही वजह है कि सनातनियों समेत श्रद्धालुओं की एक बड़ी तादाद महाकुंभ में स्नान कर पुण्य लाभ का भागीदार बनना चाहती है। इसके लिए जहां देशभर के श्रद्धालु पुण्य प्राप्ति के लिए आ रहे है वही देश-विदेश से एक बड़ी तादाद इसलिए आ रही है कि वो इतने बड़ी संखया में आ रहे श्रद्धालुओं के लिए किए जा रहे प्रबंधन को देखना चाहती हैं। राज्य सरकार से मिले आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार की सायं तक लगभग एक करोड श्रद्धालु संगम मे डुबकी लगा चुके थे। इस संख्या को लेकर महाकुंभ पहुँचने वाले श्रदड़ालुओं की तादाद पचास करोड़ से अधिक हो गई। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर सर्वाधिक लगभग आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम मे स्नान किया। जबकि 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर लगभग साढ़े तीन करोड़ स्नानार्थियों ने स्नान किया। तीस जनवरी और पहली फरवरी को जहां दो-दो करोड़ से अधिक वहीं पौष पूर्णिमा पर लगभग एक करोड़ सत्तर लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। ऐसे ही बसंत पंचमी पर दो करोड़ सत्तावन लाख और माघी पूर्णिमा पर लगभग दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम मे डुबकी लगाई। महाकुंभ की शुरुआत में सरकार को इस आयोजन में लगभग चालीस से पैतालीस करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान था। लेकिन अभी जब आयोजन की समाप्ति तिथि में दस दिन का समय है उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले श्रद्धालुओ का आंकड़ा साठ करोड़ या उससे अधिक पहुँच सकता है। यह संखया पूरी दुनिया में भारत और चीन के अलावा किसी भी देश की आबादी से अधिक है। अमेरिका जैसे देश की कुल आबादी लगभग चौंतीस करोड़ है। इतिहास गवाह है कि किसी एक धार्मिक आयोजन में इतनी बड़ी प्रतिभागियों की उपस्थिति का कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *