Responsive Menu
Add more content here...
May 20, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

‘भोलू’ और ‘भवानी’ भी अब योगी के हवाले

By Shakti Prakash Shrivastva on September 21, 2024
0 573 Views

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गौ प्रेम किसी से छुपा नहीं है। जो योगी आदित्यनाथ को जानता है वो उनके इस प्रेम को भी भली-भांति जानता है। उनका यह गौप्रेम ही था जो सूबे की सत्ता संभालते ही उन्होंने अवैध पशु कटान और बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगाया और साथ ही गौ तस्करी रोकने पर भी सख्ती बढाई। योगी नाथ संप्रदाय के जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर है उसकी गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर स्थित गौशाला में लगभग 300 से अधिक गौवंश है। इनमें से अधिकांश को वो नाम से जानते-पहचानते है। अब इनके इस गौ परिवार में भोलू और भवानी नाम का एक बछड़ा और एक बछिया भी शामिल हो गए है।

योगी आदित्यनाथ के गौप्रेम को इस तरह से बखूबी समझा जा सकता है कि मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में कान्हा गोशाला खोलने के आदेश दिये थे ताकि गायों को इधर-उधर भटकना न पड़े। इसके अलावा वो गोरखनाथ मंदिर स्थित गौशाला की सभी गायों को नाम से जानते और पहचानते है। इन्हे वो नाम से संबोधित कर बुलाते है। गायें भी उनका बुलावा सुनकर उनके नजदीक आ जाती है। हालांकि मुख्यमंत्री बनने के बाद से उनके गौशाला आने-जाने का सिलसिला काफी हद तक कम हो गया है। क्योंकि अब रोज-रोज की बजाय अपने गोरखपुर प्रवास के वक्त ही समय दे पाते हैं। इसलिए गौ परिवार में शामिल नए सदस्य उतने पारिवारिक नहीं है लेकिन पुरानी वाली सभी गाये उन्हे ठीक से पहचानती है। गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थित गौशाला में भारतीय मूल की गिर, साहीवाल सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय प्रजातियों की गाये हैं। इनमे कुछ हरियाणा की अच्छी नस्ल वाली भी हैं। अब इस कुनबे में आंध्र प्रदेश के येलेश्वरम स्थित गोशाला से लाई गईं नादिपथि मिनिएचर नस्ल (पुंगनूर नस्ल की नवोन्नत ब्रीड) के गोवंश भी शामिल हो गई है। इनमे एक बछिया और एक बछड़ा है। गुरुवार की सुबह गौशाला पहुंचे इन नए सदस्यों का नामकरण स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को किया। बछिया का नाम भवानी और बछड़े का भोलू रखा गया। मुख्यमंत्री ने इन दोनों को अपने हाथों से गुड़ और चारा भी खिलाया।
नादिपथि मिनिएचर नस्ल की इस गाय प्रजाति को दुनिया की सबसे छोटी गाय माना जाता है। इसे पुंगनूर नस्ल की ही ब्रीडिंग से विकसित किया गया है। नादिपथि मिनिएचर को माइक्रो मिनिएचर भी कहा जाता है। इस मौके पर नादिपथि गोशाला से आए उसके संचालक और नादिपथि मिनिएचर ब्रीड  विकसित करने वाले डॉ. पी. कृष्णम राजू ने मुख्यमंत्री को नादिपथि मिनिएचर नस्ल की गायों की विशेषता के बारे में बताया। मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात के बाद डॉ. कृष्णम राजू ने कहा कि योगी जी की गोसेवा और गोप्रेम देखकर वह अभिभूत हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *