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बिना मतदान ही चुनाव जीत ‘पूनम’ बन गई पार्षद, बनाया नया रिकार्ड

By Shakti Prakash Shrivastva on April 21, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

          लोकतंत्र में ऐसा भी संभव है कि आप बिना मतदान चुनाव जीत सकते हैं बशर्ते आपके क्षेत्र की जनता का आप और आपके कार्यों पर इतना यकीन हो कि उसे देख दूसरे दल के प्रत्याशी हार से बचने के लिए चुनावी प्रक्रिया में प्रतिभागिता करने का साहस ही न कर सकें। जी हाँ, कुछ ऐसा ही हुआ है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहनगर गोरखपुर में। गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र जहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधायक हैं। उस क्षेत्र में एक वार्ड है राप्ती नगर जिसका वार्ड संख्या 80 है। नए परिसीमन से पहले इसकी पहचान वार्ड संख्या 10 के रूप में हुआ करता था। इस क्षेत्र में एक जनसरोकारी युवा बृजेश सिंह छोटू ने आज से लगभग दो दशक पहले शहरी सरकार के चयन के लिए होने वाले नगर निकाय चुनाव में पार्षद पद के लिए प्रत्याशित की। महज चंद मतों से मिली पराजय से हताश होने की बजाय छोटू ने माता-पिता से मिले संस्कारों की बदौलत जमीन से जुड़ क्षेत्र की जनता से संपर्क बनाए रखा। अगला चुनाव आया बतौर बीजेपी प्रत्याशी छोटू पहली बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व बतौर पार्षद किया। तब से लेकर आज तक छोटू प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर लगातार क्षेत्र की नुमाइंदगी करते रहे। पिछली बार के कार्यकाल में बतौर डिप्टी मेयर भी छोटू ने अपना कर्तव्य निर्वहन किया। इस बार आरक्षण चक्रानुक्रम के चलते यह क्षेत्र महिला वर्ग के लिए आरक्षित हो गया। अब ऐसे में छोटू के सामने पत्नी पूनम सिंह के रूप में विकल्प था। जो पहले से ही अपने पति के घर से व्यवस्थित होने वाले कार्यों में योगदान करने और महिला सशक्तिकरण से संबंधित सामाजिक संस्थाओं से सरोकार रखने की वजह से अपेक्षित अनुभव रखती थी। लिहाजा छोटू ने उन्हे आगे कर पार्टी फोरम पर प्रत्याशिता का आवेदन किया। पार्टी ने भी छोटू के संगठनात्मक क्षमता और कार्य-व्यवहार को देखते हुए सहर्ष उनकी पत्नी के आवेदन को हरी झंडी दे दी। अब चुनाव लड़ने की योजना बनने लगी। प्रक्रिया के तहत नामांकन हुआ। लेकिन कहते है कि काम बोलता है तो वाकई छोटू के कार्यकाल में हुए कार्यों के प्रमाण ने किसी दूसरे दल के प्रत्याशी को इतनी हिम्मत ही नहीं बनने दी कि वो चुनावी समर में उतर अपनी प्रत्याशित कर सके। लिहाजा किसी ने छोटू की पत्नी के विरुद्ध नामांकन ही नहीं किया और बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर पूनम सिंह ने निर्विरोध निर्वाचित हो पार्टी के इतिहास में एक अलग रिकार्ड अपने नाम कर दिया। पार्टी का प्रदेश संगठन जिस तरह प्रदेश में होने वाले निकाय चुनाव में रिकार्ड जीत का दावा कर रही है। छोटू की पत्नी और बीजेपी की इस नवनिर्वाचित पार्षद पूनम सिंह ने उस दावे का आगाज करते हुए अच्छी बोहनी कर दी है। निर्विरोध नवनिर्वाचित पार्षद श्रीमती पूनम सिंह अपनी जीत का श्रेय बाबा गोरक्षनाथ की कृपा, प्रदेश के मुख्यमंत्री पूज्य योगी आदित्यनाथजी महराज के आशीर्वाद और पति के कार्यव्यवहार को देती है। श्रीमती सिंह ने क्षेत्र की जनता से उनके उम्मीदों पर खरा उतरने का भरोसा दिलाया है। निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा गुरुवार 20 अप्रैल को हुआ।

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