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February 16, 2026
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योगी की शरण में केशव !

By Shakti Prakash Shrivastva on June 25, 2021
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लखनऊ, (शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव)। महीने दिन भी नहीं बीते आखिर बीजेपी संगठन में क्या कुछ ऐसा हो गया जो प्रदेश सरकार मे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का हृदय परिवर्तन होते दिखने लगा है। वो केशव जो तस्वीरों तक में सीएम योगी से अपनी तल्खी नहीं छिपाना चाहते थे वो अब माँ विंध्यवासिनी के दरबार में यह कह रहे हैं कि हमारा उनका संबंध जानदार-शानदार है।

प्रदेश में बीजेपी सरकार खासकर योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री और केशव प्रसाद मौर्य को उप मुख्य मंत्री बनने के साथ ही दोनों के बीच तल्खी की खबरे आनी शुरू हो गयी थीं। बाद में कई मौकों पर ऐसा साफ-साफ लगा भी कि वाकई इन दोनों में कुछ ठीक नही है। अभी इसी महीने की ही बात है जब प्रदेश में ए के शर्मा को लेकर प्रदेश सरकार से लेकर संगठन और संघ तक में अजीबोगरीब उथल-पुथल की स्थिति दिख रही थी। इस बीच भी केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से मुखातिब हो उत्तर प्रदेश में अगले मुख्यमंत्री के बाबत एक बयान दिया कि सीएम का चेहरा कौन होगा यह दिल्ली से तय होगा। इस बयान ने एकबारगी दोनों के बीच चल रहे तल्खी पर मुहर लगा दी। लेकिन गुरुवार को जिस तरह मिर्जापुर दौरे पर गए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने माँ विंध्यवासिनी के दरबार में सीएम योगी से अपने संबंधो को लेकर सफाई देते हुए कहा कि माता विंध्यवासिनी का आशीर्वाद है, सीएम से हमारा संबंध जानदार-शानदार है। हालांकि गुरुवार से पहले बुधवार को भी केशव का एक बयान आया था कि वह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साथ थे, साथ हैं और साथ रहेंगे। यदि बीच में कोई दीवार आई तो उसे गिरा देंगे। अचानक कुछ दिनों में ही केशव प्रसाद मौर्य में आए इस बदलाव से राजनीति के जानकार भी सकते में है। जानकारों का मानना है कि केशव के व्यवहारों में आए बदलाव के मूल में कहीं न कहीं संघ के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का केशव के आवास पर हुई बैठक में मौजूद होना है। संघ के दूसरे नंबर के शीर्ष पदाधिकारी दत्तात्रय होसबले जो सर कार्यवाह बनने के बाद मुख्यमंत्री के आवास तक नहीं गए उनका केशव के यहाँ पहुंचना भी कहीं न कहीं अहम संदेश दे रहा है। केशव का योगी के प्रति उपजा यह प्रेम कितना वास्तविक है और कब तक के लिए है यह आने वाले समय में स्पष्ट हो जाएगा।

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