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वचने का दरिद्रता : BJP, कांग्रेस और SP के चुनाव घोषणा पत्र

By Shakti Prakash Shrivastva on February 8, 2022
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

यूपी में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान के ठीक दो दिन पहले मंगलवार को प्रदेश के दो प्रमुख दलों बीजेपी और समाजवादी पार्टी ने भी अपने घोषणा पत्र जारी कर दिये। कांग्रेस पहले ही अपना घोषणा पत्र घोषित कर चुकी है। बीजेपी ने अपन घोषणा पत्र ‘लोक कल्याण संकल्प पत्र’, समाजवादी पार्टी ने ’22 में 22 संकल्प’ तथा कांग्रेस ने ’भर्ती विधान पत्र’ के नाम से जारी किया है। भले ही पार्टियों के घोषणा पत्र अलग-अलग नाम से जारी किए गए हों लेकिन सबमे कथावस्तु लगभग एक ही भाव वाले है, मसलन ऐसी कहानी जो लोक भावनी है लोगों को पसंद आने वाली है। जिस तरह से पार्टियों ने घोषणा पत्र का मज़बून बनाया है उसे पढ़कर एक बारगी ऐसा लगता है कि शब्दो के जरिये वायदा करते समय पार्टियो ने किसी तरह की दरिद्रता दर्शाने की कोशिश नहीं की है। जनता को सब्ज बाग दिखाने, कथा वर्णित रामराज्य जैसी व्यवस्था का दिवा स्वप्न दिखाने का भरपूर प्रयास किया गया है। इन घोषणा पत्रों को पढ़ने से ऐसा जान पड़ता है कि ये पार्टियों इन वादों के बलबूते पहली बार सरकार बनाने जा रही हों। वो ये भूल जाती है कि सभी ने इस प्रदेश में शासन किया है। चाहे समाजवादी पार्टी हो, बीजेपी हो या कांग्रेस। समाजवादी पार्टी ने पुरानी पेंशन बहाली का ऐलान किया है जबकि 2012 से 2017 तक की अपने सरकार में इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रही। प्रश उठता है कि तब क्यों नहीं ख्याल आया। दिल्ली की केजरीवाल सरकार की मुफ्त बिजली व्यवस्था से प्रभावित हो सभी ने फ्री बिजली देने का ऐलान कर दिया है किसी ने 200 तो किसी ने 300 यूनिट बिजली फ्री का। बीजेपी ने जहां 14 दिन के अंदर गन्ना किसानों का भुगतान करने का वायदा किया है वही समाजवादी पार्टी ने गन्ना किसानों को 15 दिन के अंदर भुगतान करने की बात कही है। समाजवादी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस ने किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देने का भी वादा किया है। कांग्रेस और बीजेपी ने कॉलेज जाने वाली छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने का वादा किया है। समाजवादी पार्टी ने वृद्धा और विधवा पेंशन को तीन गुना बढ़ाने का वादा किया है। बीजेपी ने हर विधवा और निराश्रित महिला को 1500 रुपये प्रति माह का पेंशन देने का वादा किया। कांग्रेस ने हर साल तीन गैस सिलेंडर महिलाओं को मुफ्त देने का वादा किया है जबकि बीजेपी ने होली और दीपावली में दो गैस सिलेंडर मुफ्त देने का एलान किया है। वहीं सपा ने भी साल में दो गैस सिलेंडर मुफ्त देने का वादा किया है। कांग्रेस ने पुलिस में महिलाओं की भर्ती बढ़ाने का वादा किया है तो बीजेपी ने तीन नई महिला बटालियन शुरू करने का एलान किया। कांग्रेस ने सरकारी भर्तियों में महिलाओं की भागीदारी 25% करने का वादा किया है। तो बीजेपी ने यूपीपीएससी समेत सभी भर्तियों में महिलाओं की संख्या दोगुना करने का एलान कर दिया। सपा ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33% आराक्षण का वादा किया है। कांग्रेस ने महिलाओं को मुफ्त लोन देने का वादा किया तो बीजेपी ने एक करोड़ महिलाओं को एक लाख रुपये तक का लोन न्यूनतम दर पर देने का एलान कर दिया। बीजेपी ने कन्या सुमंगला योजना की राशि 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार करने का एलान कर दिया है। कांग्रेस ने 20 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया है। सपा ने सभी सरकारी पदों को भरने का वादा किया है। बीजेपी ने कहा कि हर परिवार में कम से कम एक एक को रोजगार या फिर स्वरोजगार का अवसर देंगे। इसके अलावा सभी सरकारी रिक्तियों को भरा जाएगा। सपा, बीजेपी और कांग्रेस ने युवाओं को टैबलेट और लैपटॉप देने का वादा किया है। कांग्रेस ने जहां प्रतियोगी छात्रों से फॉर्म की फीस न लेने का वादा किया है तो बीजेपी ने प्रतियोगी छात्रों को मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था कराने का वादा किया है। सपा ने जहा हर जिले में खेल सुविधाओं को बढ़ाने का वादा किया है वही बीजेपी ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में जिम व खेल मैदान खोलने का वादा किया है। इन वादो के अलावा भी एक बड़ी सूची है वादों की। इन दलों ने अपने घोषणा पत्रो में जिन लोक सुविधाओं का जिक्र किया है यदि ये जमीन पर उतर आए तो वाकई आमजन की निगाह मे रामराज्य में जीने का सपना साकार हो जाएगा। काश

 

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