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यूपी में अब बिना लाइसेंस कत्तई नहीं बिकेंगे खाने के सामान  

By Shakti Prakash Shrivastva on May 11, 2025
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                                                                                        शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

सड़क किनारे चल रहे ढाबे, रेस्टोरेंट या मिठाई की दुकान हों या खाने-पीने के सामान बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर अब बिना विधिक लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकेंगे कारोबार। खासकर उत्तर प्रदेश में तो नही ही कर सकेंगे। क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की सत्तारूढ़ सरकार ने इस पर सख्ती बढ़ा दी है। प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इसके लिए प्रदेशव्यापी अभियान छेड़ रखा है। प्रदेश में हर तरह के खाद्य व्यवसाय को सुरक्षा मानकों के दायरे में लाने के उद्देश्य के साथ विभाग या सरकार की मंशा स्पष्ट है वो चाहती है कि अब प्रदेश में कोई बिना लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, ढाबा, फासटफूड सेंटर या सड़क किनारे ठेले-खोमचे पर खाने-पीने का सामान नहीं बेच पाएगा।

प्रदेश में नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले खाद्य व्यापारियों का एक बड़ा तबका है जो सुरक्षा मानकों और सरकार द्वारा निर्धारित विधिक मानकों का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है। सरकार को जब यह जानकारी हुई कि ऐसे व्यापारी न केवल नागरिकों के सेहत से खिलवाड़ कर रहे है बल्कि सरकारी राजस्व का भी नुकसान कर रहे हैं। भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है सो अलग। हालांकि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत यह नियम पहले से ही है कि हर खाने-पीने के सामग्रियों का व्यापार करने वालों को लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। ऐसे नियम के पीछे सरकार की मंशा है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, मिलावट रहित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद मिल सकें। इसके लिए इन दिनों विभाग की तरफ से अभियान चलाया जा रहा है। अप्रैल के पहले हफ्ते से शुरू यह अभियान 31 मई तक चलेगा। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया है कि वो सुनिश्चित करें कि कोई भी खाद्य व्यवसाय बिना वैध दस्तावेज के न संचालित हो। इन दिनों प्रदेश के सभी जिलों में विशेष कैंप लगाकर खाद्य कारोबारियों का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस बनाया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि सरकार इस अभियान में सिर्फ बड़े कारोबारियों को ही शामिल कर रही है बल्कि छोटे ढाबे, चाय की दुकान, नमकीन या मिठाई बनाने वाली यूनिट, सड़क किनारे ठेले-पटरी वाले तक को इसमे शामिल किया जा रहा है। नए व्यापारियों की संखया बहुत तेजी से बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के चलते विभाग भी खासा चौकन्ना है। यही वजह है कि विभाग ने घोषित कर दिया है कि 31 मई के बाद जो भी बिना रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस के खाद्य व्यापार करता पकड़ा गया, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान प्रदेश के खाद्य व्यापारियों के लिए एक अवसर भी है कि वे कानूनी रूप से रजिस्टर्ड होकर अपना कारोबार बढ़ा सकें और जनता को बेहतर सेवा दे सकें। अब गोरखपुर हो या मेरठ, बनारस हो या सहारनपुर पूरे प्रदेश में कही भी पुलिस थाने सहित सरकारी कार्यालयों तक के इर्द-गिर्द ऐसे ठेले खोमचे वाले कारोबारियों का जमावड़ा अब नहीं दिखेगा और अगर दिखेगा तो उनके खिलाफ शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई भी होगी।

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