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शिव प्रताप शुक्ल बनेंगे मंत्री ! केंद्रीय मंत्रिमण्डल विस्तार की चर्चा

By Shakti Prakash Shrivastva on July 2, 2021
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नयी दिल्ली, (शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव)केंद्र सरकार के दो साल पूरा होने के बाद एक बार फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गयी है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के मानसून सत्र से पहले अपने कैबिनेट में फेरबदल कर सकते हैं। इस बदलाव में जहां अगले साल होने वाले पाँच राज्यों के चुनावों का ख्याल रखा जाएगा वहीं क्षेत्रीय और जातीय असंतुलन को भी संतुलित किया जाएगा। देश की राजनीति में खासा प्रभाव रखने वाले राज्य उत्तर प्रदेश को इसमे विशेष महत्व दिये जाने की उम्मीद है। इस बाबत उत्तर प्रदेश में पार्टी से नाराज चल रहे ब्राह्मणों को रिझाने के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के कद्दावर ब्राह्मण नेता शिव प्रताप शुक्ल को जगह मिलना तय माना जा रहा है।

राजनीति के जानकारों की मानें तो कैबिनेट में लगभग दो दर्जन से अधिक चेहरों को बदले जाने की उम्मीद है। इस बदलाव में जहां बेहतर प्रदर्शन न करने वाले मंत्रियो को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है वहीं कुछ नए चेहरों की इंट्री भी हो सकती है। इस समय केंद्र सरकार में 21 कैबिनेट मंत्री हैं, स्वतंत्र प्रभार के नौ और 23 राज्यमंत्री हैं। इनकी संख्या में भी इजाफा किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश समेत विधान सभा चुनाव वाले राज्यों के समीकरण साधने पर विशेष जोर दिये जाने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश से आने वाले मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उन्हे महत्वपूर्ण मंत्रालय भी दिए जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश में नाराज ब्राह्मणों को साधने के लिए ही पूर्वाञ्चल के कद्दावर ब्राह्मण नेता और राज्यसभा सांसद शिव प्रताप शुक्ल को वापस कैबिनेट में लाया जाना तय माना जा रहा है। श्री शुक्ल पूर्व में केंद्र सरकार में बतौर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री सेवा दे चुके है और वर्तमान में राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक भी हैं। ब्राह्मण हित साधक के तौर पर कांग्रेस से आए जितिन प्रसाद को भी कतार में रखा गया था लेकिन अब उनकी जगह मेनका गांधी की इंट्री पक्की लग रही है। जहां तक श्री शुक्ल का ताल्लुक है वो जमीनी नेता माने जाते है, मृदुभाषी है, संगठन का भी खासा अनुभव रखते हैं। संघ से भी इनकी नज़दीकिया रही हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड से प्रतिनिधित्व कराये जाने की संभावना है। मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंदिया, कैलाश विजय वर्गीज़ सरीखे नाम  लगभग तय माने जा रहे है। सहयोगी दलो के कोटे वाले हरसिमरत कौर, रामविलास पासवान और अरविंद सावंत के तीन कैबिनेट के पद खाली हैं। इनको देखते हुए कुछ सहयोगी दलों को भी जगह दिये जाने की उम्मीद है।

 


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