Responsive Menu
Add more content here...
April 19, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

  • Home
  • बिहार / झारखंड
  • चिराग पासवान : एक ऐसा लेफ्टिनेंट जिसे ईनाम के बदले मिला अपमान

चिराग पासवान : एक ऐसा लेफ्टिनेंट जिसे ईनाम के बदले मिला अपमान

By Shakti Prakash Shrivastva on July 7, 2021
0 561 Views

नयी दिल्ली, (शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव)। केंद्रीय मंत्रिमंडल का प्रतीक्षित विस्तार आखिरकार हो गया। इस विस्तार ने जहां कइयों के चेहरे खिला दिये तो कइयों के चेहरे मुरझा भी दिये। इन्ही मुरझाए चेहरों में एक चेहरा बिहार विधानसभा चुनाव में मोदी से बैर नहीं, जदयू की खैर नहीं का नारा देने वाले लोजपा नेता चिराग पासवान का भी है। अपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लेफ्टिनेंट मानने वाले चिराग को यकीन था कि उन्हे ईनाम मिलेगा जबकि इनके चाचा पशुपति कुमार पारस के मंत्री बनने से इन्हे मिला महज अपमान।

लोजपा नेता चिराग पासवान शुरू से ही पीएम मोदी को हर मोर्चे पर समर्थन करते रहे हैं और बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी वफादारी प्रमाणित भी की। ऐसे में चिराग को अगर ईनाम पाने का भरोसा था प्रधानमंत्री पर तो वो गलत नहीं था, क्योंकि 2019 में लोकसभा चुनाव में जब इनके पिता राम विलास पासवान ने एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था तो चिराग ने ही मध्यस्थता कर पिता को साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए राजी किया था। यही नहीं बिहार विधान सभा के चुनाव में भी चिराग ने अपनी मोदी और बीजेपी के प्रति वफादारी प्रमाणित की थी। बिहार विधानसभा के चुनाव में लोजपा (लोकजनशक्ति पार्टी) ने जदयू के खिलाफ हर जगह से प्रत्याशी उतारे जबकि बीजेपी के विरोध में लोजपा का एक भी प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ा। इस चुनाव में एक नारा भी बहुर लोकप्रिय हुआ था कि मोदी से बैर नहीं, जदयू की खैर नहीं। यही वो कारण थे जो चिराग को भीतर से भरोसा दिलाये हुए थे कि मोदी इनके एहसानों की ही वजह से इन्हे मंत्रिमंडल में स्थान अवश्य देंगे। अपनी पार्टी लोजपा की कमान को लेकर अपने ही चाचा से सियासी संघर्ष कर रहे चिराग को एक साथ दो बड़े झटके लगे। एक तो मंत्रिमंडल में शामिल न हो पाने से विश्वास का झटका और दूसरा उनके प्रतिद्वंदी चाचा पारस को मंत्रिमंडल में जगह दे उन्हे चाचा की जंग में कमजोर करना।

 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *