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अतीक जैसे ही टिल्लू की हत्या में भी मूक दर्शक रही पुलिस!

By Shakti Prakash Shrivastva on May 6, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

               जिस तरह हाल के दिनों में पुलिस के सामने हत्या की कुछ वारदाते हुई है। उससे लगता है कि अपराधियों पर पुलिस का वो खौफ अब नही है जो पहले हुआ करता था। देश में महज 15 दिनो के अंतर पर इस तरह की दिल दहला देने वाली दो अति चर्चित वारदातें हुई हैं। पहला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले मे कुख्यात माफिया अतीक अहमद और उसके माफिया भाई अशरफ की हत्या के रूप में हुई। जिसमें दोनों माफिया भाई पुलिस कस्टडी में थे। रिमांड की औपचारिकता के लिए उन्हे 15 अप्रैल की रात मेडिकल चेक अप के लिए अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल परिसर में पहुँचते ही जब अतीक और अशरफ वहाँ मौजूद मीडिया के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उस समय पत्रकार बन कर आए तीन कम उम्र बदमाशों ने नजदीक से ताबड़तोड़ गोलियां दागकर दोनों की हत्या कर दी और हथियार फेंक समर्पण भी कर दिया। वहाँ मौजूद पुलिस पूरे घटनाक्रम की मूक दर्शक बनी रही। सीसीटीवी फुटेज गवाह है कि गोली मार रहे अपराधी की कमर छू रहा है पुलिसवाला और अपराधी ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा है। इस वारदात के अभी दो हफ्ते भी नही बीते कि देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली दिल्ली की तिहाड़ जेल में 2 मई की सुबह एक बड़ी वारदात हो गई। इसमें जेल के बैरक नंबर 8 में बंद कुख्यात गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या वहाँ बंद कुछ बदमाश कैदियों ने कर दी।

जेल से मीडिया में आ रही जानकारियों की मुताबिक टिल्लू पर दीपक उर्फ तीतर, योगेश उर्फ टुंडा, राजेश और रियाज खान ने हमला किया। टिल्लू ताजपुरिया भूतल पर बने हाई सिक्योरिटी सेल में बंद था। 2 मई की सुबह सेल खोलने के दौरान हमलावर ऊपर की मंजिल से चादर की मदद से कूदे और फिर टिल्लू को सेल से बाहर निकालकर धारदार हथियार से वार कर दिया। सुबह-सुबह हुई इस वारदात से जेल में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची जेल पुलिस ने टिल्लू को घसीटते हुए जब सेंट्रल गैलरी की तरफ ले जा रहे थे उस समय वहाँ पहले से मौजूद उन्ही बदमाशों ने दुबारा फिर टिल्लू पर वार किया। इस दौरान नौ की संख्या में वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों ने मार रहे उन बदमाशो को रोकने तक का प्रयास नही किया। दुबारा विधिवत मारने के बाद अपराधी चले गए। तब जाकर पुलिस की हरकतें शुरू हुई। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से चार चादरें, खून से सने आरोपी के कपड़े और चार धारदार हथियार बरामद किए। हालांकि संबन्धित प्रशासन ने कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाहियाँ की हैं लेकिन जिस तरह की दुस्साहसिक और पुलिस के इकबाल को चुनौती देने वाली ये वारदाते हैं। उस लिहाज से कार्रवाई नहीं हुई है। इन दोनों ही मामले की सारी सच्चाई मौके से मिले सीसीटीवी फुटेज ने प्रमाणित कर दिया है। अब देखना ये है कि केंद्र और प्रदेश की सरकारे ऐसी वारदातों को रोकने के लिए क्या कार्रवाईयां करती हैं।

 

 

 

 

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