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हाथरस के ‘अ-मंगल’ ने ताजा कर दी मेहरानगढ़ हादसे की याद !

By Shakti Prakash Shrivastva on July 5, 2024
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                                                                                     शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

आज से लगभग डेढ़ दशक पहले राजस्थान के मेहरानगढ़ में एक अमंगलकारी घटना हुई थी। इस घटना में लगभग 216 लोगों की मौत हो गई थी। लेकिन दुर्भाग्य व्यवस्था की, कि  आज इतने वर्षों बाद भी उस घटना की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा सकी है। लगभग उसी तरह की एक हृदय विदारक घटना बीते मंगलवार को उत्तर प्रदेश के हाथरस में घट गई। इसमें 121 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। इस घटना ने राजस्थान की मेहरानगढ़ वाली घटना की यादें ताजा कर दी हैं। मौके पर पहुंचे सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की तह तक वास्तविकता जानने के लिए हाई कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति जस्टिस बीके श्रीवास्तव की अध्यक्षता और एक अवकाशप्राप्त आईएएस और एक अवकाशप्राप्त आईपीएस अधिकारी की सदस्यता वाली न्यायिक जांच टीम भी गठित कर दी है।

हाथरस में बाबा नारायण हरि साकार उर्फ भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हुई है। घटना हुई सरकार ने घटना की गंभीरता को देखते हुए त्वरित संज्ञान लिया और आनन-फानन में प्रशासनिक अमला तो हरकत में आया ही सूबे के मुखिया भी घटना स्थल पहुँच गए। उन्होंने न केवल मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की बल्कि घायलों को बेहतर चिकित्सा मुहैया कराने के सख्त आदेश भी दिए। साथ ही घटना के जिम्मेदारों को न बख्शे जाने का ऐलान भी किया। उन्होंने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में एक जांच आयोग गठित कर जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द पूरी करने और दोषियों को सजा दिलाने का भी आश्वासन दिया। लेकिन आज से लगभग सोलह साल पहले इसी तरह की राजस्थान के मेहरानगढ़ में हुई घटना के बाद गठित रिटायर्ड जज जसराज चोपड़ा की सरपरस्ती वाले न्यायिक जांच की आज तक रिपोर्ट सार्वजनिक पटल पर नहीं आ सकी है।

जोधपुर शहर में एक बहुत पुराना किला है मेहरानगढ़ किला। जोधपुर रेलवे स्टेशन से यह किला करीब तीन-चार किलोमीटर दूर है। इस किले में चामुंडा माता का एक बहुत प्रसिद्ध मंदिर है। नवरात्र में यहां चामुंडा माता की पूजा के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटती है। 30 सितंबर 2008 को यहां नवरात्र के पहले दिन पूजा करने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई और इस भगदड़ में 216 लोगों की मौत हो गई थी।

सूबे की सियासत में दिख रहे बदलाव के तहत विपक्ष ऐसे हर अवसर की तलाश में लगा हुआ है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शुक्रवार को हाथरस पहुंचे। उन्होंने घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और सरकार से बेहतर मदद किये जाने और मुआवजा दिए जाने का सुझाव भी दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को हाथरस में ही भविष्य में ऐसी घटनाओं कि पुनरावृत्ति न हो इसको ध्यान में रखते हुए मानक संचालन प्रक्रिया यानि एसओपी बनाने की भी घोषणा की। इसके बन जाने के बाद भविष्य में होने वाले ऐसे किसी भी बड़े आयोजन में उसे लागू किया किया जा सकेगा।

 

 

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