Responsive Menu
Add more content here...
April 13, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

  • Home
  • टॉप न्यूज
  • अलग राज्य अलग नीति के नए फार्मूले पर बीजेपी!

अलग राज्य अलग नीति के नए फार्मूले पर बीजेपी!

By Shakti Prakash Shrivastva on March 21, 2026
0 32 Views

 

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

देश के उत्तर हिस्से की सियासत में जड़ जमा चुकी बीजेपी अब दक्षिण और पूरब जैसे इलाके में अपना मजबूत विस्तार करने की तरफ बढ़ रही है। इसके लिए पार्टी ने अलग राज्य अलग नीति का नया फार्मूला अपनाने जा रही है। उत्तर मे असम और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद जहां राजनीतिक दल लगातार उम्मीदवारों के नामों की सूचियां जारी कर रहे हैं। वही बीजेपी, बंगाल और असम में उम्मीदवारों के चयन में अपने इस नए फार्मूला आधारित रणनीति का प्रयोग कर रही है। बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में जहां अपनों पर भरोसा दिखाया है, वहीं असम में दूसरे दलों से आए नेताओं को जमकर टिकट दे रही है।

पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी इस बार कुछ बदली रणनीति के तहत चुनाव मैदान में उतर रही है। नए फार्मूले के तहत पश्चिम बंगाल में इस बार पार्टी ने उन उम्मीदवारों पर ज्यादा दांव लगाया है जो उसके साथ लंबे समय से जुड़े रहे हैं जबकि असम के लिए उसने अलग फार्मूला बनाया है। आसाम में कांग्रेस छोड़कर पार्टी में आए उम्मीदवारों को बड़ी तादाद में टिकट दिया गया है। पार्टी का पूरा भरोसा है कि इन दोनों ही राज्यों में उसकी यह रणनीति उसे जीत दिलाने में कामयाब रहेगी।

पश्चिम बंगाल के बीते विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अनेक ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया था जो हाल ही में पार्टी में शामिल हुए थे। इसमें सुवेंदु अधिकारी के साथ अन्य कई बड़े नेता शामिल थे। पार्टी को यह रणनीति इसलिए भी बनानी पड़ी थी क्योंकि ममता बनर्जी को टक्कर देने के लिए उसके पास बड़े नेता-कार्यकर्ता मौजूद नहीं थे। यूपी-उत्तराखंड जैसे सहित अनेक राज्यों में पार्टी की यह रणनीति कारगर भी रही थी। लेकिन प. बंगाल में पार्टी की यह रणनीति उसके लिए कमजोर कड़ी साबित हुई। कहा जाता है कि पार्टी की इस रणनीति से वे कार्यकर्ता पार्टी से नाराज हो गए जो लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे थे। ऐसे नेताओं-कार्यकर्ताओं ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया जिससे उसे नुकसान हुआ। इस बार बीजेपी ने अपनी पुरानी गलती न दुहराते हुए पश्चिम बंगाल में अधिकतर उन्हीं  नेताओं को टिकट थमाया है जो लंबे समय से उसके साथ बने हुए थे।

लेकिन आसाम में पार्टी की रणनीति बंगाल से अलग है। वहाँ तो कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने 17 मार्च को पार्टी से इस्तीफा दिया और 18 मार्च को बीजेपी में शामिल हुए। 19 मार्च को बीजेपी ने उन्हे दिसपुर से बीजेपी का उम्मीदवार बना दिया। बीजेपी की मुताबिक तरुण गोगोई सरकार में वरिष्ठ मंत्री रहे बोरदोलोई उसके लिए ट्रंप कार्ड साबित होंगे और उनके प्रभाव से पार्टी को उनके लोकसभा क्षेत्र नगांव के साथ-साथ आसपास की अन्य विधानसभा सीटों पर भी जीतने की अच्छी संभावना बनेगी। इस तरह और भी नेता हैं जो दूसरी पार्टियों से आए और उन्हे पार्टी ने अपना प्रत्याशी बना दिया।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम में बीजेपी को कितना फायदा हो रहा है। हालांकि इसमें भी पार्टी इस बात का भी ख्याल रख रही है कि उनके कैडर नेताओं का हित प्रभावित न हो।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *