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कांग्रेस में आपरेशन ‘अधीर’! टीएमसी को साधने में आड़े आ रहे अधीर

By Shakti Prakash Shrivastva on July 13, 2021
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नयी दिल्ली, (संवाददाता)। कांग्रेस पार्टी लोकसभा में अपने नेता अधीर रंजन चौधरी को हटाने का निर्णय लेने जा रही है। इस बाबत कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी का कभी भी फैसला आ सकता हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस मानसून सत्र के दौरान टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) के साथ मिलकर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलना चाहती है। लेकिन इसमें बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी बाधा बन रहे हैं। यही वजह है कि सोनिया अपनी राजनीतिक खेल को अंजाम देने के लिए आपरेशन ‘अधीर’ करने जा रही हैं। हालांकि अधीर की जगह कौन लेगा यह तय नहीं है लेकिन कयासों में मनीष तिवारी, शशि थरूर जैसे नाम है।

बंगाल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलने पर कांग्रेस लीडरशिप पर सवाल उठाने वालों में भी शामिल थे अधीर रंजन चौधरी। श्री चौधरी ने कहा था कि पार्टी नेताओं को सोशल मीडिया में घिरे रहने की बजाय अब सड़क पर उतरना होगा। यह बातें सोनिया गांधी भी कहती हैं कि कोविड के पीड़ितों की बढ़-चढ़कर मदद करनी होगी। इन सबके बाद कांग्रेस अधीर को हटाना चाहती है तो उसके पीछे मूल कारण ये है कि वो कहीं न कहीं टीएमसी के साथ नजदीकियां बढ़ाने में पार्टी की मंशा में रोड़ा बन रहे हैं। लगातार कमजोर साबित हो रही कांग्रेस चाहती है कि मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में वो मोदी सरकार पर हमलावर हो। लेकिन इसके लिए उसका मानना है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का साथ होना ज्यादा फायदेमंद होगा। पिछला रिकार्ड देखें तो कांग्रेस पूरे बंगाल विधान सभा चुनाव के दौरान कभी ममता बनर्जी पर सीधी टिप्पणी नहीं की। इतना ही नहीं टीएमसी की दुबारा ताजपोशी का स्वागत भी किया था। हालांकि अधीर रंजन के रिश्ते ममता से तल्ख ही रहे। पार्टी की मंशा है कि तृणमूल के साथ सदन में फ्लोर कोऑर्डिनेशन में कोई बाधा न आए।  वैसे तृणमूल भी बंगाल में गवर्नर जगदीप धनखड़ के साथ चल रहे टकराव को जोर-शोर के साथ संसद में उठाना चाहती है। इस टीएमसी कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों को साधकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से धनखड़ को वापस बुलाए जाने की मांग भी कर सकती है। इस बीच एक बड़ा प्रश्न ये है कि आखिर अधीर के हटाने पर उनकी जगह कौन होगा। हालांकि इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर, आनंदपुर साहिब से सांसद मनीष तिवारी इस पद के लिए मुफीद हो सकते हैं। हालांकि, ये दोनों नेता भी उन 23 में शामिल थे, जिन्होंने कांग्रेस लीडरशिप को चिट्ठी लिखी थी।


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