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देश में कोरोना पॉलिसी में बदलाव, संक्रमित मरीजों के लिए सरकार ने जारी की नई गाइडलाइंस

By Nikhil Pal on May 8, 2021
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नई दिल्ली(एजेंसी)- देश में कोरोना मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के लिए बने नियमों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बदलाव किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइन के मुताबिक COVID रोगियों को कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने के लिए COVID-19 Postive Test Report की कोई जरूरत नहीं है।स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी नए निर्देशों के मुताबिक कोरोना के लक्षण वाले मरीज अस्पताल में भर्ती किए जाएंगे, भले ही कोरोना रिपोर्ट पॉजिटव नहीं आई हो। किसी भी मरीज को किसी भी अस्पताल में सेवाएं देने से मना नहीं किया जा सकता।मरीज को ऑक्सीजन या आवश्यक दवाएं दी जाएंगी भले ही वह किसी अन्य शहर का रहने वाला हो।

नियमों में हुआ बदलाव

कोरोना के मरीजों को अस्पताल में दाखिले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब तक अस्पतालों में एडमिट होने के लिए कोविड पॉजिटीव रिपोर्ट अनिवार्य होती थी। नए बदलाव के तहत अब रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। इस कारण कई बार मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस कारण कई मरीजों की मौत हो जाती थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चीफ सेक्रेटरी को निर्देश दिया है। जिसके अनुसार 3 दिनों के भीतर नई नीति को अमल में लाएं।इस नीति के तहत ऐसे संदिग्ध मरीजों को सस्पेक्टेड वार्ड में दाखिला मिल सकेगा। इसमें कोविड केयर सेंटर, पूर्ण समर्पित कोविड केयर सेंटर और कोविड अस्पताल शामिल हैं। साथ ही नई पॉलिसी में यह भी साफ किया गया है कि मरीजों को इस आधार पर इनकार नहीं किया जा सकता को वह किस राज्य से हैं। किसी भी मरीज को कहीं भी दाखिला मुमकिन होगा।स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देश में कहा गया है कि होम आइसोलेशन में 10 दिनों तक रहने और लगातार तीन दिनों तक बुखार न आने की स्थिति में मरीज होम आइसोलेशन से बाहर आ सकते हैं और उस समय टेस्टिंग की जरूरत नहीं है। दिशानिर्देशों के मुताबिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मरीज की स्थिति को हल्का या बिना लक्षण वाला केस तय किया जाना चाहिए। ऐसे मामले में मरीज के सेल्फ आइसोलेशन की उनके घर पर व्यवस्था होनी चाहिए। ऐसे मरीज जिस कमरे में रहते हों उसका आक्सीजन सैचुरेशन भी 94 फीसद से ज्यादा होना चाहिए और उसमें वेंटिलेशन की भी बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।

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