विलुप्त होते जज़्बाती संस्कारों को सँजोने का पैगाम दे गया ‘जश्न-ए-उर्दू’
गोरखपुर,(संवाददाता)। गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाला शहर-ए-गोरखपुर हिन्दी-उर्दू साहित्य के समृद्ध विरासत के लिए भी जाना जाता है। यहाँ फ़िराक़ गोरखपुरी, मजनू गोरखपुरी और मुंशी प्रेमचंद सरीखे साहित्यिक शख़्सियतों का जुड़ाव रहा है। उर्दू ज़ुबान ओ अदब की बेहतरी और […]
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