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UP : विधानमंडल के सदनों में रचा गया इतिहास, महिलाओं का रहा बोल-बाला

By Shakti Prakash Shrivastva on September 22, 2022
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

यूं तो उत्तर प्रदेश में जबसे योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी है। लगातार प्रदेश अपनी पूर्व में स्थापित नकारात्मक छवि को बदलने में सफल हो रहा है। कभी भ्रष्टाचारियों-अपराधियों पर बुलडोजर चलाकर तो कभी नए रचनात्मक व सकारात्मक प्रयास कर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर गुरुवार को भी एक ऐसा ही कार्य हुआ जो उत्तर प्रदेश की विधानसभा के इतिहास में कभी नहीं हुआ। हुआ ये कि विधान मण्डल के दोनों सदनों यानि विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाहियाँ महिला विधायकों को समर्पित रहीं। सिर्फ महिला सदस्यों ने प्रतिभाग किया। कार्यवाही के दौरान महिला सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण,लैंगिक भेदभाव, शिक्षा सहित अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान अधिष्ठाता के रूप में तीन महिला सदस्यों ने अपनी भूमिका निभायी। आज की कार्यवाही के उपरान्त विधायकों को टेबलेट वितरण का काम शुरू हुआ। इसकी शुरूआत विधान सभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना ने महिला विधायको को टेबलेट देकर की। प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई सदन की कार्यवाही में महिला सदस्यों ने हिस्सा लिया। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से 24 महिला सदस्यों, समाजवादी पार्टी की 10 सदस्यों, अपनादल (एस0) के तीन एवं कांग्रेस पार्टी की एक सदस्य ने अपने विचार रखे। प्रश्न प्रहर होने के उपरान्त 38 महिला सदस्यों ने कार्यवाही में भाग लिया। इस दौरान विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अधिष्ठाता के रूप में डा0 मंजू शिवाच के अतिरिक्त आज सपा विधायक सुश्री सैय्यदा खातून, बीजेपी की श्रीमती अनुपमा जायसवाल को मौका दिया।

इस मौके पर नेता सदन योगी आादित्य नाथ ने कहा कि सामान्य दिनों में पुरूषों के शोरगुल के नीचे महिला सदस्यों की बात दब जाती थी। आज कम से कम महिला सदस्यों की बातों को सुनने के लिए हम यहां बैठे हैं। उन्होनें कहा कि महिला सदस्यों को चाहिए कि वह अपनी भाषा में अपनी बात रखें जिससे चर्चा को आगे बढ़ाने मे मदद मिलेगी। श्री योगी जी ने कहा कि इसे लोक सभा के अलावा देश के विभिन्न विधान सभाओं में भी भेजी जाए कि उत्तर प्रदेश की विधान सभा से इस प्रकार के सुझाव आयें है।

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से श्रीमती अनुपमा जयसवाल, श्रीमती अर्चना पाण्डेय, श्रीमती अंजुला सिंह माहौर, श्रीमती गुलाब देवी, डा0 मंजू शिवाच, श्रीमती मनीषा, श्रीमती मुक्ता संजीव राजा, श्रीमती मीनाक्षी सिंह, रानी पक्षालिका सिंह, श्रीमती कृष्णा पासवान, श्रीमती सरिता भदौरिया, श्रीमती अलका सिंह, श्रीमती अदिती सिंह, श्रीमती नीलमा कटियार, श्रीमती जय देवी, श्रीमती केतकी सिंह, श्रीमती ओममणी वर्मा, श्रीमती रजनी तिवारी, श्रीमती मंजू त्यागी, श्रीमती पूनम शंखवार, श्रीमती आशा मौर्या, श्रीमती सलोना कुशवाहा, श्रीमती राजबाला सिंह एवं श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने हिस्सा लिया। समाजवादी पार्टी की तरफ से महिला सदस्यों में डा0 रागिनी, श्रीमती पूजा, श्रीमती सैय्यदा खातून, श्रीमती ऊषा मौर्या, श्रीमती पूजा पाल, श्रीमती महारानी प्रजापति, श्रीमती गीता शास्त्री, श्रीमती इन्द्राणी देवी, श्रीमती विजमा यादव एवं श्रीमती रेखा वर्मा, ने भाग लिया। इनके अलावा अपना दल (एस) डा0 सुरभि, डॉ0 रश्मि आर्या, श्रीमती सरोज कुरील, एवं कांग्रेस पार्टी की तरफ से श्रीमती आराधना ‘मोना’ ने सदन की कार्यवाही में भाग लिया।

महिला सदस्यों के उद्बोधन के उपरान्त संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधान सभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना को आज की इस एतिहासिक कार्यवाही के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह निश्चित रूप से भविष्य के लिए इतिहास बनेगा। समाजवादी पार्टी की तरफ से मनोज  कुमार पाण्डेय, अपनादल (एस0) के नेता, राष्ट्रीय लोक दल के नेता राजपाल वालियान, अपना दल (सोनेलाल) के नेता राम निवास वर्मा, निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के नेता अनिल कुमार त्रिपाठी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता, कांग्रेस की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ जनसत्ता दल (लोकतान्त्रिक) के नेता रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भइया’ बहुजन समाज पार्टी के नेता उमाशंकर सिंह ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये। महिलाओं को समर्पित इस विशेष सत्र में छात्राओं-महिलाओं को भी आमंत्रित किया गया था। आज की कार्यवाही का प्रकाशन कर उसे सांसद और देश के अन्य राज्यों की विधान सभाओं में भी भेजे जाने का निर्णय लिया गया।

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