भोपाल, (ब्यूरो)। देश में कोरोना के दौरान आपदा में अवसर तलाशने वालों की एक बड़ी संख्या देखने को मिली। जिन्होने इंसानी जिंदगी की बजाय व्यावसायिक लाभ को तवज्जो दिया। ऐसा ही लोगों के जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले व्यापार का खुलासा मध्यप्रदेश के सतना जिले में हुआ। यहाँ इस्तेमाल की गई पीपीई किट बेचने का मामला सामने आया है। बड़खेरा इलाके के इंडो वाटर बायो वेस्ट डिस्पोजल प्लांट में इस्तेमाल पीपीई किट को धोकर पुनः पैक कर बाजार में बेचने के लिए तैयार करते समय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया।
इस्तेमाल किट को गरम पानी से धो-सुखा बाजार में भेजते
मामला वायरल होते ही हरकत में आए प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपा दिया है। वायरल वीडियो की मुताबिक बड़खेरा स्थित बायो वेस्ट डिस्पोजल प्लांट में इस्तेमाल की गई पीपीई ड्रेस को धोकर कर उसे पैक कर दिया जाता था और बाजार में बेचने के लिए भेज दिया जाता था। समाचार एजेंसी एएनआई ने इसका वीडियो भी पोस्ट किया है। उसमें साफ देखा जा रहा है कि प्लांट में कुछ लोग किट को गर्म पानी में धोकर एक जगह रख रहे हैं और उसे बाजार में फिर से बेचने के लिए बंडल बना रहे हैं। जबकि पूरी दुनिया जानती है कि कोरोना संक्रमण एक दूसरे से फैल रहा है। लोग इस दौरान सावधानी पूर्वक रह रहे हैं, लेकिन सतना के इस प्लांट में मौत बांटने का काम चल रहा है।
इस प्लांट में आता है कई जिलों का मेडिकल वेस्ट
कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक, इस्तेमाल किए गए पीपीई किट, मास्क को मेडिकल नियमों के तहत नष्ट किया जाता है। सतना में बड़खेरा के इस इंडो वॉटर बायो वेस्ट डिस्पोजल प्लांट में आसपास के कई जिलों से मेडिकल वेस्टेज भेजा जाता है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद पता चल रहा है कि सफाई कर्मचारी पीपीई किट को गर्म पानी से धोकर उसका बंडल बनाकर बाजार में भेजने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि मामले की जांच की जा रही है।