Responsive Menu
Add more content here...
May 2, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

पल्लवी की राह पर डॉ संजय

By Shakti Prakash Shrivastva on March 23, 2024
0 400 Views

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

             जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव की तिथियाँ नजदीक आ रही है उत्तर प्रदेश में आइएनडीआइए गठबंधन की राह बहुत आसान नहीं रह गई है। एक-एक कर गठबंधन के सहयोगी गठबंधन से दूर होते जा रहे हैं। अभी कौशांबी जिले के सिराथू विधानसभा से सपा विधायक और अपना दल कमेराबादी नेता पल्लवी पटेल के गठबंधन से दूर हुए चंद घंटे भी नहीं बीते होंगे कि गठबंधन के एक और सहयोगी जनवादी पार्टी सुप्रीमो डॉ संजय चौहान ने भी पल्लवी पटेल की राह पर चलते हुए आइएनडीआइए गठबंधन और सपा से दूरी बना ली है। बाकायदा उन्होंने भी सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को पीडीए के मुद्दे पर घेरते हुए उन पर वादा खिलाफी करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं पार्टी ने प्रदेश की आठ लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारने का भी निर्णय ले लियी है। पार्टी सुप्रीमो डॉ संजय चौहान की मुताबिक सपा पूरी तरह बीजेपी की बी टीम की तरह काम कर रही है। जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय चौहान का यह भी दावा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें घोसी सीट से चुनाव की तैयारी करने के लिए कहा था। इतना ही नहीं विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा में भी कुछ अन्य सीटें भी देने का आश्वासन दिया था। लेकिन दो दिन पहले उन्होंने घोसी सीट पर उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस पर पार्टी नेताओं की शुक्रवार को लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में बैठक हुई। इसमं घोसी सीट पर खुद डॉक्टर संजय चौहान ने चुनाव लड़ने का एलान किया। इसी तरह मछलीशहर, गाजीपुर, बलिया, चंदौली, लालगंज, वाराणसी, भदोही में भी पार्टी के कार्यकर्ता मैदान में उतरेंगे।
डॉ. चौहान ने आरोप लगाया कि सपा अध्यक्ष पीडीए की बात करते हैं, लेकिन चौहान बिरादरी को सम्मान नहीं देना चाहते हैं। उनका बर्ताव भी पिछड़ी जातियों के प्रति ठीक नहीं है। वह सिर्फ धनबल वालों को उम्मीदवार बना रहे हैं। संजय चौहान ने दावा किया कि राजीव राय घोसी के लिए एक कमजोर प्रत्याशी हैं और वहां पर चौहान समाज के लोग उनको वोट नहीं देने जा रहे हैं, जिनका तकरीबन साढ़े 3 लाख वोट है। संजय चौहान ने कहा कि वह चुनाव हारने या जीतने के लिए नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि अपने समाज के वोट को एकजुट करने के लिए ये चुनाव लड़ रहे हैं कि उनके समाज का वोट उनके पक्ष में एक जुट रहे यही उनकी कोशिश है जिससे 2027 में सदन में उनकी नुमाइंदगी कर सकें ।
उत्तर प्रदेश में करीब 40 लाख नोनिया चौहान बिरादरी के मतदाता माने जाते हैं। ओबीसी में इनकी भागीदारी करीब 2.33 फीसदी है। पूर्वांचल की चंदौली, वाराणसी, आजमगढ़, गाजीपुर, घोसी, जौनपुर, बलिया आदि सीटों पर चौहान बिरादरी के मतदाता अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र में प्रभावी हैं। यही वजह है कि बीजेपी, सपा, बसपा सहित सभी दल इन बिरादरी के छिटपुट वोटबैंक को अपने खेमे करने के लिए लालायित रहते हैं। इस बिरादरी को अपना कोर वोटबैंक मानने वाली राष्ट्रीय जनवादी पार्टी अभी तक सपा के साथ थी तो बीजेपी ने भी दारा सिंह चौहान को मंत्री बनाकर इस वोटबैंक पर डोरे डाले, लेकिन लोकसभा नामांकन की प्रक्रिया शुरू होते ही सियासी समीकरण भी बदलने लगे हैं। अब देखना दिलचस्प ये होगा कि बदले समीकरण में बीजेपी अलायंस को फायदा होता है या सपा वाले आइएनडीआइए गठबंधन को। परिणाम के लिए फिलहाल 4 जून को मतगणना होने तक इंतजार करना होगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *