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CM योगी ने बदली तस्वीर : बाढ़ के लिए अभिशप्त राप्ती तट बनी मनोरंजन स्थली

By Shakti Prakash Shrivastva on November 16, 2022
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव की आवाज में रिपोर्ट सुनने के लिए आडियो बटन पर क्लिक करें।

शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

      उत्तर प्रदेश में जबसे योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने है। सूबे के हर हिस्से के साथ-साथ गोरखपुर की भी तस्वीर बदलने लगी है। गोरखपुर शहर के पश्चिमी हिस्से में कलकल बहती राप्ती नदी जो कभी बाढ़ की विभीषिका और जन-जानवर के जीवन के लिए अभिशप्त मानी जाती थी। आज उसका किनारा इलाकाइयों के मनोरंजन का साधन उपलब्ध करा रही है। साथ ही जल से जीवन के जुड़ाव का भी बोध करा रही है। राप्ती नदी के एक किनारे पर भव्य गुरु गोरक्षनाथ घाट और दूसरे किनारे पर भव्य श्रीरामघाट बनाया गया है। इन घाटों के निर्माण में राजस्थान से लाये गए लाल पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इन पर राजस्थानी शैली की स्थापत्य कला की अद्भुत कलाकारी और कलाकृतियाँ उकेरी गयी हैं। इस शैली में बनी पालकी और गजीबो यहाँ आने वाले लोगों के आकर्षण के केंद्र बनी हुई हैं। नदी के पानी सहित घाटों को इतना साफ-सुथरा बना दिया गया है कि अब वहाँ संझा आरती भी की जा रही है। जिन घाटों पर पहले शवों का अनियोजित शवदाह संस्कार किया जाता था। उसे नियोजित करते हुए दर्जनों शवो के एक साथ संस्कार किए जाने के लिए अलग से एक राजघाट भी बनाया गया है। इस तरह देखते-देखते इलाके में मानव काया की अंतिम स्थली रमणीक पर्यटनस्थली के रूप में तब्दील हो गयी है। रविवार से अब इस राप्ती नदी में बोटें भी चलने लगी हैं। अभी तक महानगर में बोटिंग की सुविधा सिर्फ रामगढ़ ताल में ही मौजूद थी। लेकिन अब लोग नदी में बोटिंग की सुविधा मिलने से बोटिंग का भरपूर लुत्फ ले रहे हैं। बोटिंग सुविधा का शुभारंभ करने राप्ती तट पर आए गोरखपुर के महापौर सीताराम जायसवाल की मुताबिक नदी में बोटिंग की सुविधा भोले वंदना प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा किया जा रहा है। संचालक कंपनी की मुताबिक मोटर चालित नाव का किराया 50 रुपये और स्पीड नाव का किराया सौ रुपये तय किया गया है। जल्द ही कई और तरह की सुविधा यहाँ बढ़ाई जाएगी। जैसे कि बोटिंग के साथ ही अब यहाँ जल्द ही फूडपार्क और बच्चों के मनोरंजन की भी सुविधा होगी। नदी के पूर्वी तट से लगे मुहल्ले हांसूपुर के पार्षद संजय श्रीवास्तव के सहयोग से नदी तट पर भव्य संझा आरती का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे नदी के साथ सांस्कृतिक संस्कार का भी प्रोत्साहन हो रहा है। नदी में बोटिंग होने से मनोरंजन तो हो ही रहा है साथ ही रोजगार के भी अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। नदी तट की रमणीयता का आलम ये है कि आज बड़ी तादाद में नगरवासी और इलाकाई वहाँ पर्यटन के लिए आते हैं। राजस्थानी शिल्प की आकृतियाँ उनके लिए सेल्फी प्वाइंट बन गयी हैं। नदी तट के किनारे छठ त्योहार की शोभा देखते ही बनती है। शासन की योजना नदी में कश्मीर की डलझील की तरह ही चिकारा चलाने की भी है। नगर आयुक्त अविनाश सिंह की मानें तो यहाँ गुरु गोरक्षनाथ घाट से रामघाट तक रस्सी का रोपवे बनाया जाएगा। भोजपुरी फिल्मस्टार रविकिशन शुक्ल के गोरखपुर का सांसद होने का सबसे बड़ा फायदा ये हो रहा है कि इस क्षेत्र में फिल्मों की शूटिंग का फुटफाल बढ़ गया है। बड़ी तादाद में भोजपुरी फिल्मों के साथ-साथ हिन्दी फिल्मों के निर्माता इस इलाके का रुख कर रहे हैं। इससे इलाके में युवाओं को फिल्मोद्योग में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। राप्ती नदी और नदी तट पर किए गए कायाकल्प से अब यहाँ भी फिल्मों की शूटिंग के लिए माहौल बन गया है। अब यहाँ भी फिल्मों की शूटिंग हो रही है। इस क्षेत्र का संसद में प्रतिनिधित्व करने के दौरान ही यहाँ की जमीनी पोटेन्शियल से सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ भलीभाँति परिचित हो चुके थे। लिहाजा जब उन्हें अवसर मिला तो आज एक-एक कर सभी संभावनाओं को धरातल पर उतार रहे हैं। इसी क्रम में राप्ती तट का यह स्वरूप बन सका है।

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