शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव सियासत का अपना कोई स्थायी दीन-ईमान क्यों नहीं बन सका। कहीं न कहीं इसकी वजह उसका क्षण-क्षण बदलता स्वार्थ है। जो समय के साथ तेजी से बदलता रहता है। देश के बहुचर्चित किसान आंदोलन में भी एक घटना बीते दिनों हुई जो इसका जीता-जागता प्रमाण है। लगभग तेरह...
और पढे..