यूं ही कोई मेहरबा नहीं होता..
शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव कहते हैं कि राजनीति का कोई अपना दीन ईमान नहीं होता है। क्योंकि इसमें किसी विचारधारा का समर्थक दूसरे विचारधारा के समर्थकों को कोसता है। लेकिन पलक झपकते वही नेता उसकी तारीफ भी करने लग जाता है। इसका मतलब […]
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