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बुरे दिन में भी तेवर से समझौता नहीं !

By Shakti Prakash Shrivastva on February 15, 2025
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                                                                          शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

मौजूदा दौर के भारतीय राजनीति में बहुत कम ऐसे नेता है जिन्होने अपने सिद्धान्त के चलते एक सीमा से अधिक कभी किसी से समझौता नहीं किया। ऐसे ही कुछ चुनिन्दा नेताओं मे एक है बीएसपी यानि बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती। इनका अतीत इस बात का साक्षी है ईन्होने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। बीएसपी की मौजूदा स्थिति क्या है किसी से छुपा नहीं है। पार्टी का सियासी ग्राफ चुनाव दर चुनाव गिरता ही जा रहा है। इसके बावजूद जहां तक पार्टी सुप्रीमो मायावती की बात है तो उनके तेवर में आज भी कोई कमी नहीं आई है। जिन दोनों उनकी लोकप्रियता और प्रभाव का ग्राफ चरम पर था तब भी उन्होने किसी को अपने तेवर से इतर बहुत तवज्जो नहीं दिया और आज जब पार्टी अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है तब भी उनके तेवर ,में कोई बदलाव नहीं आया है। हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली बुरी पराजय के बाद अपने अति करीबी रिश्तेदार और पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ अशोक सिद्धार्थ तक को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने से गुरेज नहीं किया। जबकि डॉ अशोक पार्टी के पूर्व एमएलसी, पूर्व राज्यसभा सांसद होने के साथ-साथ पार्टी में मायावती के उत्तराधिकारी व भतीजे आकाश आनंद के ससुर भी है। यही मायावती का तेवर है जिसके लिए मायावती की सियासत में अलग पहचान है।

मायावती ने डॉ अशोक सिद्धार्थ के साथ पूर्व सांसद नितिन सिंह को भी पार्टी से बाहर कर दिया है। इन नेताओं के निकाले जाने के पीछे कारण है कि बार-बार चेतावनी के बाद भी ये नेता गुटबाजी और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। मायावती को यह नागवार लगता था। इसके लिए इन नेताओं को कई बार चेतावनी भी दी गयी थी। लेकिन चेतावनी का कोई असर न होते देख मायावती ने बिना कुछ सोचे इनके निकाले जाने का फरमान दे दिया। इस कदम से पार्टी सहित सियासी गलियारे में एक बार फिर मायावती के तेवर की चर्चा होने लगी है।

फर्रुखाबाद के कायमगंज के रहने वाले हैं डॉ अशोक की गिनती पार्टी सुप्रीमो के बेहद करीबी लोगों में किया जाता था। इनके पिता पार्टी संस्थापक मान्यवर कांशीराम के सहयोगी रहे हैं।  एमएलसी से लेकर राज्यसभा सांसद रह चुके डॉ अशोक

कर्नाटक से लेकर तेलंगाना,आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा तक पार्टी का जिम्मा संभाल चुके हैं।  लेकिन मायावती उनकी क्रिया-कलाप को लेकर नाराज थीं. तीन महीने पहले भी उन्हें नसीहत दी थी, लेकिन वो नहीं माने. ऐसे में गुटबाजी के आरोप में उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया है।

इनकी बेटी के साथ ही मायावती के भतीजे आकाश आनंद की शादी हुई है। इस लिहाज से ये मायावती के रिश्ते में समधी लगते हैं। चूंकि पिछले दिनों मायावती ने आकाश आनंद को अपना सियासी उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है। इसलिए आकाश का ससुर और मायावती का समधी होने का प्रभाव डॉ अशोक अन्य नेताओं के बीच दिखाते थे। डॉ अशोक लोगों से यह बताने में लगे थे कि पार्टी का सियासी भविष्य उनके  दामाद आकाश आनंद हैं। इस बात को लेकर नाराज मायावती  ने डॉ अशोक को कई बार चेतावनी भी दिया था, लेकिन डॉ अशोक पर इसका कोई असर नहीं हो रहा था।

पिछले ही हफ्ते डॉ अशोक के लड़के की आगरा में शादी थी। इस शादी में अपने प्रभाव वाले राज्यों से अपने पसंदीदा कई चुनिन्दा नेताओं को डॉ अशोक ने बुलाया था। यह बात भी मायावती को नागवार लगी थी। इसी वजह से वो शादी में नहीं गयी। शादी के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक डॉ रामजी गौतम की मौजूदगी में कुछ पार्टी नेताओं से मुलाक़ात करने के बाद मायावती ने डॉ अशोक सिद्धार्थ और उनके करीबी नितिन सिंह को पार्टी से बाहर का फरमान सुना दिया। मिली जानकारी की मुताबिक डॉ अशोक ने पार्टी में अपना एक समांनांतर गुट बना लिया था, जिसके चलते उन पर सियासी गाज गिरी है।

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