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गोरखपुर में बाढ़ : नरम होने लगा नदियों का तेवर, फिर भी संकट बरकरार

By Shakti Prakash Shrivastva on October 17, 2022
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव की आवाज में  पूरी रिपोर्ट  सुनने के लिए क्लिक करें।

पूर्वाञ्चलनामा न्यूज, गोरखपुर। बाढ़ से होने वाली तबाही का रिकार्ड तोड़ने से पहले ही जिले की नदियों का उग्र तेवर अब नरम होने लगा है। हर साल जिले को बाढ़ से सर्वाधिक नुकसान पहुंचाने वाली नदी सरयू का जलस्तर अब धीरे-धीरे नीचे उतर रहा है। रविवार तक गोला बाजार क्षेत्र में इसका जलस्तर 40 सेमी कम हुआ है। जबकि जिले की दूसरी सबसे बड़ी नदी राप्ती का जलस्तर स्थिर हो गया है जो कि शुभ है। लेकिन इन सबके बावजूद जिले में बाढ़ का संकट बना हुआ है। प्रभावित गांवों की संख्या में कमी होने की बजाय उनमें लगातार इजाफा हो रहा है।
रविवार तक जिले में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 285 हो गई है। इन गांवों में 135 गांव मैरुंड मतलब चारों तरफ पानी से घिर गए हैं।  सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक राप्ती नदी का जलस्तर आने वाले समय में और बढ़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी अनुमान है कि जिस तरह से सरयू नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। उस आधार पर माना जा सकता है कि कुछ दिनों में राप्ती नदी भी सामान्य रूप में आ जाएगी। मौजूदा स्थिति में अयोध्या में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 33 सेमी ऊपर रह गया है। जबकि गोर्रा, कुआनों जैसी नदियों का जलस्तर स्थिर है। रोहिन नदी भी खतरे के निशान से अब डेढ़ मीटर नीचे आ गई है। हालांकि उसके प्रभाव वाले कैंपियरगंज तहसील के 89 गांव अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। आपदा कार्यालय के मुताबिक भले पानी कम हो गया है, लेकिन जो गांव प्रभावित हुए हैं वहां सरकारी सहायता दी जानी है, इसलिए उनको प्रभावित गांवों की श्रेणी में रखा गया है। बाढ़ से प्रभावित गांवों में 329 नावें लगाई गईं हैं। बाढ़ से 1,32,173 की आबादी और 14,762 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है।

बाढ़ खंड-2 के अधिशाषी अभियंता रूपेश खरे की मुताबिक सरयू नदी का जलस्तर अयोध्या से लेकर बरहज तक लगातार घट रहा है। अपने जिले में भी उसके घटने का क्रम जारी है। राप्ती नदी का पानी स्थिर है लेकिन उसके बढ़ने की संभावना है। फिलहाल अभी तक जिले के सभी बंधे सुरक्षित हैं। सिंचाई विभाग तैयारियों के बाबत अलर्ट मोड पर है और अधिकारी-कर्मचारी मुस्तैद हैं।

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