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June 20, 2026
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सिंदूर के बदले आपरेशन सिंदूर

By Shakti Prakash Shrivastva on May 7, 2025
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                                                                                     शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव
भारतीय समाज के परिवारों में शादी-शुदा महिलाओं को माथे पर सिंदूर लगाने का चलन है। परंपरा की मुताबिक इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है। ऐसी महिलायें सुहागिन कहलाती हैं। किन्ही दुर्भाग्यवश पति के असमय मौत होने के बाद महिलायें माथे पर सिंदूर नहीं लगाती है। उन्हे समाज में सुहागिन की बजाय विधवा कहा जाता है। पिछले दिनों कश्मीर के पहलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसमें कितने ही महिलाओं के सुहाग होंगे जिनकी मौत के बाद उन महिलाओं की मांग सूनी हो गयी मतलब सिंदूर उजड़ गयी। केंद्र सरकार ने खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम में हुई आतंकी हमले को अपने स्वाभिमान की ललकार माना। लिहाजा उसी दिन यह तय हुआ कि हरहाल में पाकिस्तान को इस बार सबक सिखया जाये। पाक समर्थित इस हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान से हमले का बदला लेने के लिए एयर स्ट्राइक करने की योजना बनाई तो उस योजना का नाम भी सिंदूर से जोड़ दिया गया। मतलब सिंदूर का बदला सिंदूर से ही लिया जाये। 7 मई को अलसुबह होने वाली इस स्ट्राइक वाले आपरेशन का नाम आपरेशन सिंदूर रखा गया।
कश्मीर के पहलगाम जिले के बैसरन में 22 अप्रैल के दिन में जब घाटी का लंबा-चौड़ा मैदान देश-विदेश से आए पर्यटकों की चहलकदमी से गुलजार था। अचानक लगभग आधे दर्जन की संख्या में पुलिसिया वर्दी में आए आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। देखते ही देखते दो दर्जन से अधिक पर्यटक मौत की नींद सो गए। चीख-पुकार मच गयी। बाद में इस हमले की ज़िम्मेदारी लश्करे-ए-तईबा से जुड़े संगठन टीआरएफ ने ली। भारत में इस घटना की चारों तरफ भर्त्सना हुई। एक मुंह से सभी ने पाकिस्तान पर हमला किए जाने जरूरत जताई। पूरा सोशल मीडिया इस मुद्दे पर गरम रहा। देश की आवाम की नब्ज समझने वाली केंद्र सरकार ने तत्काल राजनयिकों को वापस बुलाने, आयात-निर्यात पर रोक, बघा बार्डर पर आवागमन बाधित करने और सिंधु नदी सम्झौता रद्द करने तक जैसे निर्णयों से यह जता दिया कि केंद्र सरकार भी अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद संजीदा है। 6 और 7 मई की मध्यरात्रि के बाद अचानक सेना के जवान, एयरफोर्स सहित नौसेना की टुकड़ी ने अपने-अपने निर्धारित रोड मैप पर आपरेशन सिंदूर को अंजाम दे दिया। बार्डर से लगभग सौ किलोमीटर के अंदर जाकर पाकिस्तान के पाँच और पाक अधिकृत कश्मीर के चार स्थानों पर अत्याधुनिक उपकरणों सहित हैमर, क्रूज और राफेल जैसे मिसाइलों से हमला कर दिया। इसमे सैकड़ों लोगों के मारे जाने की खबर है। इस आपरेशन में बहावलपुर, कोटली, मुजफ्फराबाद, गुलपुर, भिंबर, सियालकोट और मुरीदके जैसे आतंकवादियों के कैंपों को तहस-नहस कर दिया। इनमें भी मुरीदके स्थित लस्कर-ए-तइबा के ट्रेनिंग कैंप मरकज-ए-तइबा और बहावलपुर स्थित जैस-ए-मुहम्मद के गढ़ जश शुभानुल्लाह को प्रमुखता से निशाना बनाया। मरकज-ए-तइबा में ही 26/11 के आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया गया था।
इस तरह भारत ने अपने अस्तित्व को ललकारने वाले पाकिस्तान को जवाब देने की शुरुआत कर दी है। आपरेशन का नाम सिंदूर रख कर इसे भावनात्मक तौर पर भी देशवासियों को संतुष्ट करने की कोशिश की गयी है।

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