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नोएडा में ये कैसा कोविड-19 प्रोटोकाल : न चेहरे पर मास्क न सोशल डिस्टेन्सिंग

By Shakti Prakash Shrivastva on December 26, 2021
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नोएडा, (संवाददाता)। अभी शनिवार को ही ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश में रात्रिकालीन कर्फ़्यू सहित कोविड-19 प्रोटोकाल का सख्ती से अनुपालन करने का सरकारी फरमान जारी हुआ। प्रोटोकाल के प्रतिबंधों के क्रम में ही लखनऊ में प्रस्तावित कांग्रेस की महिला मैराथन कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं दी गयी। लेकिन अगले ही दिन नोएडा में सत्तारूढ़ बीजेपी द्वारा जन विश्वास रैली का आयोजन किया गया। इसमें कोविड प्रोटोकाल मज़ाक बन कर रह गया। हजारों-हजार की भीड़ में न तो कही सोशल डिस्टेन्सिंग नजर आई और न ही लोगो के चेहरे मास्क से ढके दिखे।

सवाल उठना लाजिमी था। विपक्षी कांग्रेस सहित अन्य दलों ने इस पर सवाल उठाया। बीमारी तो सभी के लिए खतरनाक है जानलेवा है फिर व्यवस्था में दो भाव क्यों। एक तरफ विपक्षी कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वड्रा द्वारा लखनऊ में होने वाली महिला मैराथन कार्यक्रम को यह कह कर इजाजत नहीं दी गयी कि कोविड प्रोटोकाल का उलंघन होगा। जबकि बीजेपी की जन विश्वास रैली में जहा हजारों कि संख्या में प्रतिभागी मौजूद थे। किसी ने कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं किया था फिर भी प्रशासनिक मशीनरी को यहाँ कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन होते नहीं दिखा। समाजवादी पार्टी के ओपी यादव का मानना है कि बीजेपी सरकार की तानाशाही रवैया का प्रतिफल है। सरकार मनमाना निर्णय कर रही है। सरकार का यह व्यवहार लोकत्रणट्रिक मर्यादा के विपरीत है। ऐसे कृत्यों की वजह से ही 2022 में ये चुनाव हर रहे है क्योंकि अब जनता सब समझ रही है वो इसका जवाब 2022 में देगी। क्योंकि यह योगी सरकार विपक्षी पार्टियों के कार्यक्रम में तो पाबंदी लगा रही है, लेकिन अपने कार्यक्रम का धड़ल्ले से करवा रही है। लखनऊ में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की होने वाली महिला मैराथन की इजाजत नहीं दी गई, वहीं दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा की अगुवाई में आज नोएडा में ‘जन विश्वास यात्रा’ निकाली गई। इस यात्रा में करीब 10 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। नोएडा में पुलिस-प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए जबकि शहर में शनिवार से ही धारा 144 लगा है। कहीं पर भी एक साथ बड़ी जनसभा नहीं हो सकती है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी शायद अपने ही नियमों को दरकिनार कर चुकी है। नोएडा में भाजपा की ‘जन विश्वास यात्रा’ के दौरान जमकर धारा 144 का उल्लंघन किया गया। कोविड-19 प्रोटोकॉल के नियमों की अवहेलना की गई। सोशल डिस्टेंसिंग तो नाम मात्र भी नहीं दिखी। पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा की अगुवाई में नोएडा सेक्टर-57 से बीजेपी की जन विश्वास यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा में शामिल होने के लिए परिवहन मंत्री अशोक कटारिया, पश्चिम यूपी प्रभारी मोहित बेनीवाल, विधायक पंकज सिंह और विमला बाथम संग बीजेपी के अन्य दिग्गज नेता मौजूद रहे। जनप्रतिनिधि कार से उतरे तो उनके चेहरे पर मास्क था, लेकिन जैसे ही भीड़ में शामिल हुए और रथ पर सवार हुए तो कोविड-19 प्रोटोकॉल का ध्यान नहीं रहा। पूरी यात्रा में किसी भी जनप्रतिनिधि के चेहरे पर मास्क नहीं था। धारा 144 के नियमानुसार एक साथ 4 से अधिक लोग खड़े नहीं हो सकते हैं। यदि खड़े भी होंगे तो सोशल डिस्टेंसिंग के साथ। भाजपा की जन विश्वास यात्रा में शामिल लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं दिखी, न ही उनके चेहरे पर मास्क थे और न ही कोई उन्हें टोकने वाला था। आलम यह था कि जिनके चेहरे पर मास्क थे, जनप्रतिनिधियों को दिखाने के लिए उन्होंने अपने चेहरे से हटा दिए। वो भी ऐसे समय में जब शहर में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में प्रदेश में सबसे अधिक 13 पॉजिटिव मरीज नोएडा में मिले हैं। इनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती किया गया है। बाकी का इलाज होम क्वारैंटाइन में किया जा रहा है। जनपद में कुल 54 सक्रिय मामले हैं।

 

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