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अखिलेश का निशाना, तस्वीर एक बहाना

By Shakti Prakash Shrivastva on February 8, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है जो विपक्ष के तौर पर बखूबी अपना किरदार निभा रही है। यह पार्टी या इसके मुखिया अखिलेश यादव सरकार पर निशाना साधने का कोई अवसर गंवाना नहीं चाहते हैं। खासकर पार्टी का यह तेवर मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में मिली पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद से देखने को मिल रही है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव तो बकायदे अपने आदत के विपरीत न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं-नेताओं से मिल रहे है बल्कि बीजेपी व संघ के नेताओं के बयानों पर पलटवार का अवसर भी नहीं गंवा रहे हैं। हालिया रामचरित मानस प्रकरण हो या संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान, सभी पर बराबर सियासी वजन का पलटवार अखिलेश की तरफ से किया गया। अभी हालिया प्रकरण एक वाराणसी का सुर्खियों में रहा जिसमें एक पूर्व पार्षद सड़क पर पीने का पानी बेवजह सड़क पर बहने के विरोध में बहते पानी में ही सड़क पर लेट गया था। उसके हाथ में एक तख्ती भी थी जिसमें लिखा था कि देखो जल संस्थान की लापरवाही, सात दिनों से पानी बह रहा है। इस तस्वीर को भी अखिलेश ने बीजेपी सरकार पर वार करने का हथियार बना लिया। अपने ट्वीटर हेंडिल से अखिलेश ने सरकार पर तंज़ करते हुए लिख डाला कि ‘भईया काशी नहीं बन पाया अभी तक क्योटो…दिल्ली-लखनऊ वाले यहां भी खिंचवाएं फोटो।’ अखिलेश के इस ट्वीट के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब पहली बार 2014 में वाराणसी से सांसद चुने गए तो उन्होने जापान के प्रधानमंत्री शिंजों अबे को वाराणसी बुलाया था। जापानी प्रधानमंत्री का काशी में भव्य स्वागत हुआ था। इस दौरान क्योटों-काशी सिटी पार्टनर एग्रीमेंट हुआ था। इसके तहत प्रधानमंत्री मोदी की योजना थी कि काशी का विकास क्योटों की तर्ज पर हो। लेकिन जब इस तरह प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर अखिलेश को मिली तो उन्होने अवसर गँवाए बगैर सरकार पर तंज़ करते हुए ट्वीट कर दिया। जिस तरह से अखिलेश सरकार पर अपना सियासी हमलावर की मुद्रा अख़्तियार किए हुए हैं। अगर यह तेवर लोकसभा चुनाव तक यूं ही बरकरार रहा तो निःसन्देह इसका लाभ अखिलेश यादव और उनकी समाजवादी पार्टी को मिलेगा ही मिलेगा।

 

 

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