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October 8, 2026
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उमेशपाल हत्या के पहले गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ चार्जशीट

By Shakti Prakash Shrivastva on May 28, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

         प्रयागराज शूट आउट में जिस वकील की हत्या हुई थी वो पूर्व विधायक राजूपाल की हत्या का गवाह था। 24 फरवरी को हुई इस वारदात में वकील उमेशपाल समेत उसके दो सरकारी सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे। इस हत्याकांड में शामिल कुछ अपराधियों की तो मौके की सीसीटीवी फुटेज से पहचान हो गई थी लेकिन बाकी का नाम पुलिसिया तफतीश में एक-एक कर सामने आते गए। इसमें कुल 22 आरोपी बनाए गए हैं। इनमें छः आरोपियों अतीक-अशरफ, अतीक के बेटे असद, गुलाम, अरबाज और उस्मान उर्फ विजय चौधरी की मौत हो चुकी है। जबकि सदाकत समेत कुल नौ जेल में हैं और शूटर गुड्डू मुस्लिम, साबिर, अरमान, अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, अशरफ की पत्नी जैनब, साला सद्दाम और बहन आयशा नूरी समेत कुल सात फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर फरार हैं। इस पूरे घटना में पहली गिरफ्तारी सदाकत खान की ही हुई थी।

उमेश पाल हत्याकांड में शुक्रवार को पहली चार्जशीट दाखिल कर दी गई। 1857 पेज की यह चार्जशीट सदाकत खान के खिलाफ दाखिल की गई है। इस वारदात में उसे आपराधिक षड्यंत्र और एससी-एसटी एक्ट में आरोपी बनाया गया है। एससी-एसटी कोर्ट के जज रत्नेश कुमार श्रीवास्तव ने चार्जशीट का संज्ञान लेकर अगली सुनवाई नौ जून को नियत की है। पुलिस पांच आरोपियों के विरुद्ध भी पूरक आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है। सदाकत को प्रयागराज के मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल से 27 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। सदाकत खान इस हास्टल में अवैध रूप से रह रहा था। इसी हॉस्टल में शूटर गुलाम के साथ अन्य शूटर भी उससे मिलने आए थे। बरेली जेल में जहां अशरफ बंद था वहीं इस पूरी घटना की पटकथा लिखी गई। शुक्रवार को उसके खिलाफ पुलिस ने विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) की अदालत के समक्ष संलग्नक समेत कुल 1857 पेज की चार्जशीट प्रस्तुत की। सदाकत की न्यायिक अभिरक्षा से 90 दिन की अवधि (27 मई) से एक दिन पहले ही इसे दाखिल कर दिया गया है।

उमेश की पत्नी जयापाल की ओर से इस मामले में मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाने के लिए धूमनगंज थाने में प्रार्थनापत्र दिया गया था। सत्यापन के बाद पुलिस ने मुकदमे में 23 मई को एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ा दीं। दलित उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जांच एसीपी स्तर के अधिकारी को ही देने की बाध्यता के कारण इसकी विवेचना एसीपी धूमनगंज महेंद्र सिंह देव को स्थानांतरित कर दी गई। 24 मई को विवेचना ग्रहण करने के दो दिन बाद एसीपी ने सदाकत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट का मूल आधार सदाकत के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप चैट व बरेली जेल के सीसीटीवी फुटेज बनाए गए हैं। सदाकत को हत्याकांड में साजिशकर्ता माना गया है।  सदाकत के खिलाफ 90 दिन में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर उसे जमानत मिलने के आसार बन सकते थे। यह हो जाता तो पुलिस की बहुत किरकिरी होती। इसी कारण पुलिस ने समय-सीमा खत्म होने से एक दिन पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी। आरोप पत्र दाखिल होने में देरी का फायदा अन्य आरोपी भी उठा सकते थे।

 

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