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April 18, 2026
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मायावती ने क्यों भेजा था जेल ?

By Shakti Prakash Shrivastva on August 19, 2025
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                                                                                शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश में कुंडा क्षेत्र से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया एक ऐसी शख्सियत हैं जिनके बारे में कहा जाता है की पहचान में बाहुबली और सख्त मिजाज माने जाने वाले राजा भैया एक मिलनसार व्यक्ति है। उनके व्यवहार में शिष्टता झलकती है। लेकिन प्रश्न ये उठता है कि अगर वो इतने सहज है, व्यवहारकुशल हैं तो फिर उन्हे बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने जेल क्यों भिजवाया था। हालांकि इसका उत्तर मीडिया डोमेन में है लेकिन पिछले दिनों एक निजी मीडिया संस्थान से हुई बातचीत में उन्होने इस बात का खुलासा किया कि क्यों उन्हे बहन मायावती ने जेल भिजवाया था।

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया प्रतापगढ़ के कुंडा से विधायक है और राष्ट्रीय जनसत्ता दल के प्रमुख हैं। राजा भैया लगातार सात बार से विधायक है और पाँच बार प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। राजा भैया ने बातचीत में इस बात को खुलकर स्वीकारा कि प्रदेश में सत्तारूढ़ कल्याण सिंह सरकार बचाने के लिए उन्होने ही 1997 में बहुजन समाज पार्टी को तोड़ा था।  क्योंकि उस समय स्थितियाँ ऐसी थीं कि विधायक और जनता दोनों ही बार-बार हो रहे चुनाव से परेशान थे। लिहाजा हमने बीएसपी के विधायकों के एक ग्रुप के साथ सरकार को समर्थन दिया था।

इसके बाद से ही बीएसपी सुप्रीमो मायावती और राजा भैया के बीच सियासी अदावत शुरू हो गयी। राजा भैया की मुताबिक 1989, 91, 93 और 96 में मध्यावधि चुनाव हुआ। 1993 के बाद 1996 में भी किसी दल को बहुमत नहीं मिला था। जिसके कारण 6 महीने तक किसी की सरकार नहीं बन पायी थी। 6 महीने बाद बीएसपी और बीजेपी के बीच एक सहमति बनी कि 6-6 महीने के लिए दोनों दलों के मुख्यमंत्री बनाए जाएँगे। पहले 6 महीने के टर्म के लिए मुख्यमंत्री मायावती को बनाया गया। 6 महीने का कार्यकाल पूरा होने के बाद जब बीजेपी ने कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही। तो मायावती ने अपने वादे से मुकरते हुए असहमति जाता दी। हालांकि असहमति के बाद भी बीजेपी ने कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री बनाये रखा। हालांकि कुछ महीने बाद ही दोनों ही दलों में अलगाव हो गया। सरकार गिरने की नौबत या गई। जबकि कोई भी दल फिर से चुनाव के मैदान में जाना नहीं चाह रहा था। इसलिए बीएसपी टूटकर जनतांत्रिक बीएसपी और कांग्रेस टूटकर लोकतांत्रिक कांग्रेस बन गई। इस तरह कांग्रेस से 22 विधायक और 12 से ज्यादा बीएसपी के विधायको ने जाकर कल्याण सिंह को समर्थन दे दिया और सरकार बच गयी।

बीएसपी में हुई टूटफूट के पीछे राजा भैया का हाथ होना किसी से छुपा नहीं था लिहाजा जब बाद में मायावती की सरकार आई तो सबसे पहले राजा भैया के घर पुलिस गयी और उन्हे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कुंडा स्थित उनके आवास भदरी निवास से लेकर उनके तालाब तक की गहन जांच हुई थी। यह चर्चा का विषय बन गया था। आज भी सोशल मीडिया मंचों पर इससे जुड़ी अनेकानेक कहानियाँ मौजूद है।

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