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यूपी में बारिश का कोहराम : जनजीवन अस्त-व्यस्त, ‘बटर फ्लाई इफेक्ट’ ने दी राहत

By Shakti Prakash Shrivastva on September 18, 2021
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लखनऊ,(मुख्य संवाददाता)। यूपी में मानसून के बदले मिजाज ने मौसम विभाग के लगातार सही साबित हो रहे अनुमानों की हवा निकाल दी। राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के पूर्वी जिलों में शनिवार की सुबह आसमान में बरसने को बेताब घुमड़ रहे काले बादलों की आवाजाही के बावजूद बरसात नही हुई। जबकि मौसम विभाग द्वारा इन इलाकों में यलो अलर्ट किया गया था। हालांकि मौसम विभाग के विशेषज्ञों की मुताबिक ऐसा बदलाव ‘बटर फ्लाई इफेक्ट’ की वजह से हुआ है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस प्रभाव के तहत दो कारण हो सकते है। पहला ये कि संभवत: तेज हवाओं ने बादलों को बहा दिया और दूसरा ये कि बृहस्पतिवार को हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश के कारण बादलों की नमी खत्म हो गई जिसकी वजह से बूंदें इतनी हल्की और छोटी रह गईं कि हवाओं के प्रतिरोध के कारण वे नीचे तक आ ही नहीं सकीं। सुबह घिरे काले-काले बादल हर कदम यही अहसास करा रहे थे कि आज यानि शनिवार को  होगी तेज बारिश। दिन ऐसे ही बीत गया, पर इलाके में कहीं बारिश रिकॉर्ड नहीं हुई। सुदूर अंचलों में पड़ी बौछारों के कारण मौसम विभाग ने .2 मिमी बरसात का दावा किया है। उत्तर प्रदेश में यूं तो बारिश हमेशा से मानसूनी सीजन में आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त करती रहती है। लेकिन इस बार समय से पहले आए मानसून और फिर कमजोर होने व प्रभावी होने वाले मानसून के उतार-चढ़ाव के बीच सितंबर के मध्य में मानसून का जो रूप देखने को मिला है उसका विषय विज्ञानी भी अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्से या तो बाढ़ की चपेट में हैं या जलजमाव की। गाँव तो गाँव शहर भी इस बार इसकी जद में है। गुरुवार और शुक्रवार की बारिश ने राजधानी लखनऊ और सीएम योगी के शहर गोरखपुर समेत प्रदेश के कई शहरों की सूरत बिगाड़ दी है। इस बार शहरी आबादी में भी बचाव के लिए एनडीआरएफ की सहायता लेनी पड़ी है। लखनऊ नगरीय क्षेत्र में सड़कों पर घुटने से ऊपर पानी लग गया है। पूरे प्रदेश में बारिश और बाढ़ के चलते दो दर्जन से भी अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी है। बारिश के चलते प्रदेश के स्कूल-कालेज दो दिन के लिए बंद कर दिये गए हैं। मौसम विज्ञानियों की मानें तो इस बार मानसून अपने निर्धारित समय से हफ्ते भर पहले दस्तक दिया था। पिछले डेढ़ दशक में पहली बार ऐसा हुआ जो मानसून अपनी निर्धारित समय से इतना पहले आ गया था। मेरठ के मौसम विज्ञानी डॉ एन सुभाष की मुताबिक मानसून का प्रभाव 20 सितंबर तक रहना था। लेकिन मौजूदा मौसम का रुख देखते हुए ऐसा लगता है कि मानसून कुछ विलंब से विदा होगा। हालांकि तेज बारिश रुकने के बाद भी बारिश का सिलसिला कुछ समय तक चलता रहेगा। स्काईमेट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में एक और मानसूनी सिस्टम बन गया है, जो शुक्रवार को पूर्वोत्तर में बंगाल की खाड़ी तक पहुंच जाएगा। इसके चलते पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कहीं भारी या कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

 

 

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