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‘आप’ का सूपड़ा साफ

By Shakti Prakash Shrivastva on December 6, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

देश की राजधानी दिल्ली में सरकार बनाने में कामयाब होने के बाद से ही आम आदमी पार्टी का सियासी हौसला अन्य राज्यों की तरफ दायरा बढ़ाने को लेकर बढ़ने लगा। बाद के दिनों में पंजाब में भी सरकार बन गई और गुजरात विधानसभा चुनाव में मिले सकारात्मक परिणाम ने इस सियासी हौसले को और उड़ान दी। पिछले दिनों जब देश के पाँच राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव की बिगुल बजी तो आम आदमी पार्टी ने भी अपनी सियासी कदम तीन राज्यों की ओर बढ़ाने का निर्णय कर लिया। यह अलग बात है कि जब परिणाम आया तो तीनों ही राज्यों में पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। जितने भी उम्मीदवारों ने प्रत्याशिता की थी सभी की हार हुई। जमानत तक इनकी नहीं बच सकी। इस तरह किसी भी राज्य में पार्टी का खाता नहीं खुल सका।

सोशल मीडिया पर तैर रही आम लोगों की प्रतिक्रियाओं पर गौर करें तो पता चलेगा कि अधिकांशतः लोग आम आदमी पार्टी पर पंजाब सरकार के वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग संबंधी टिप्पणियाँ कर रहे है। क्योंकि तीनों ही राज्यों के चुनावों में आप ने पंजाब सरकार के हेलीकाप्टर समेत मंत्रियों आदि का इस्तेमाल किया था। आप सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान साथ-साथ ही चुनावी रैलियाँ किये थे। चुनाव प्रचार के दौरान लगातार पार्टी की तरफ से इस बात के दावे किए जाते रहे कि जिस तरह की जीत लगभग दो साल पहले पंजाब में हासिल हुई थी ठीक वैसी ही जीत इन राज्यों में भी होगी। लेकिन हुआ इसके उलट। सरकार बनानी तो दूर प्रत्याशियों की जमानत तक नहीं बची। आदर्शवादी बातें करने वाले आप नेताओं को मतदाताओं ने धूल चटा दी।

सोशल मीडिया पर देश-प्रदेश ही नहीं विदेश विदेश में रह रहे भारतीय भी पूछ रहे हैं कि तीन राज्यों में आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार पर पंजाब सरकार की ओर से जो खर्च किया गया उसका हिसाब कौन देगा? पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की ओर से पिछले साल से ही उन राज्यों की अखबारों और राष्ट्रीय अखबारों के स्थानीय संस्करणों में अपनी प्रगति का प्रचार करने वाले बड़े-बड़े विज्ञापन छपने लगे थे जहां के चुनाव में पार्टी को अपने उम्मीदवार खड़े करने थे। इससे यह पता चलता है कि यह सब चुनावी रणनीति का हिस्सा है। इन सब पर करोड़ों-करोड़ रुपए खर्च हुआ। जो सरकारी खजाने से ही खर्च हुआ। जबकि पंजाब को इसका कोई लाभ नहीं मिला।

जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना भी राज्यों के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुरू की गई थी। हालांकि पंजाब हाईकोर्ट पर उसपर सवाल उठाया है। पंजाब विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का मानना है कि उनकी पार्टी विधानसभा में सरकार से बाकायदा यह पूछेगी कि तीन राज्यों के चुनाव में पंजाब सरकार की ओर से कितना पैसा खर्च किया गया और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कितने दौरे सरकारी विमान के जरिए ‘आप’ उम्मीदवारों के पक्ष में किए? पार्टी सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी पंजाब सरकार का जहाज मुहैया कराया गया।”आखिर क्यों।

आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविन्द केजरिवाल पार्टी को चौतरफा फैलाना चाहते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें अभी कामयाबी नहीं मिल पा रही है। पिछले दिनों उन्होंने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी अपने उम्मीदवार खड़े किए गए थे। लेकिन कहीं जीत हासिल नहीं हुई थी। इसबार बड़ी उम्मीद के साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में प्रत्याशी उतारे लेकिन कही से कुछ हासिल नहीं हुआ।

 

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