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मुख्तार के बेटे-बहू के खिलाफ एफआईआर रद्द!

By Shakti Prakash Shrivastva on May 30, 2024
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                                                                                    शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

पूर्वाञ्चल में एक लंबी और स्तरीय सियासी विरासत वाला कुनबा पिछले कुछ दशक से कोर्ट-कचहरी और अपराध से जुड़ी खबरों के नाते जाना-पहचाना जा रहा है। जी हाँ बात हो रही है गाजीपुर के अंसारी परिवार की। वो परिवार जो कभी अंग्रेजी हुकूमत में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे डॉ मुख्तार अहमद अंसारी और महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान सरीखे लोगों से जुड़े होने की वजह से समाज में सम्मानित था। वो परिवार नब्बे के दशक से अपराध और अपराधियों की वजह से आज जाना जा रहा है। खासकर मुख्तार अंसारी के नाम से जो लगभग तीन दशकों तक अपराध और अपराधियों के संबंधों का पर्याय रहा। उसके ऊपर कई दर्जनों मुकदमें थे। लगभग डेढ़ दशकों से जेल् की सलाखों के पीछे सजा काट रहे मुख्तार की पिछले दिनों मौत हो गई थी। गाजीपुर से बीएसपी के निवर्तमान सांसद और लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी अफजाल अंसारी मुख्तार के बड़े भाई है। गंगस्टर के एक मामले में मिली सजा के चलते इनकी साँसदी चली गई थी जो अब कोर्ट के ही आदेश पर फिलहाल बहाल है। मुख्तार की पत्नी आफ़शाँ भी इनामिया है व पुलिस रिकार्ड में फरार चल रही है। मुख्तार के बेटे और मऊ विधानसभा क्षेत्र से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी निकहत अंसारी पर चित्रकूट जेल में मिलने आदि को लेकर मुकदमें दर्ज हैं। इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहत देते हुए सोमवार को न केवल चित्रकूट पुलिस को दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया बल्कि जबरन की गई गैंगस्टर की कार्रवाइ के लिए फटकार भी लगाई। फिलहाल अब्बास अंसारी कासगंज जेल में बंद है। भले ही एक मामले में अंसारी कुनबे के एक सदस्य को कोर्ट से राहत मिली है लेकिन कभी देश में स्तरीय सियासत और जंगे आजादी के ईमानदार देशभक्त होने जैसे विशेषणों से विभूषित परिवार का अपराध और अपराधियों के संबंध सहित कोर्ट-कचहरी और मुकदमों के लिए सुर्खियों में रहना आम हिन्दुस्तानी को सालता है।

मामला चित्रकूट जिले के कर्वी थाना क्षेत्र का है। चित्रकूट जेल में बंद अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत के मिलने के मामले में अब्बास-निकहत समेत पाँच लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई थी और बाद में कर्वी पुलिस ने गैंगस्टर के तहत भी एफआईआर दर्ज की थी। अब्बास के साथ अभियुक्त बनाए गए शाहबाज आलम की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में गैंगस्टर के तहत दर्ज एफआईआर की वैधता को चुनौती दी गई थी। सोमवार को न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की कोर्ट  ने याचिका पर सुनवाई की। दलीलों को सुन कर कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए जेल में बंद मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी और उसकी पत्नी निखहत अंसारी समेत पांच लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने गैंगस्टर की कारवाई पर गैंग चार्ट बनाने के नियमों का पालन न कर औपचारिकता पूरी करने को देखते हुए चित्रकूट पुलिस की ओर से जबरन की गई गैंगस्टर की कार्रवाई के लिए चित्रकूट पुलिस को फटकार भी लगाई।

 

 

 

 

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