Responsive Menu
Add more content here...
August 10, 2026
ब्रेकिंग न्यूज

Sign in

Sign up

सनातन धर्म के खिलाफ साजिश की सुपारी !

By Shakti Prakash Shrivastva on February 6, 2025
0 342 Views

     शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान हुए हादसे पर अब सियासत शुरू हो गयी है। सियासत इसलिए क्योंकि अब सड़क से लेकर संसद तक में हादसे के बारे में अपने सियासी फायदे के लिए सियासी दल के नेता तथ्यहीन वक्तव्य दे रहे है। संसद के बजट सत्र में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मौनी अमावस्या हादसे का जिक्र करते हुए बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। इन नेताओं के बयानों को तथ्यहीन और शर्मनाक बताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों नेताओं को सनातन धर्म विरोशी करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये लोग लगातार महाकुंभ के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। इन लोगों ने सनातन धर्म के खिलाफ सुपारी ले रखी है।
योगी आदित्यनाथ की मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष का ये कहना कि प्रयागराज कुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हजारों लोग मर गए… हमें अफसोस होता है कि इतना वरिष्ठ नेता… देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष से उम्मीद की जाती है कि वो एक मर्यादित बयान देश की संसद में रखें। वो इतना गुमराह करने वाला बयान दे रहे हैं… झूठ पर झूठ बोल रहे हैं। योगी ने कहा कि इनका ये बयान न केवल सनातन धर्म पर प्रहार है बल्कि निंदनीय भी है और शर्मनाक भी है।
सपा मुखिया अखिलेश यादव के वक्तव्य ‘सरकार ने महाकुंभ में 100 करोड़ लोगों के आने की घोषणा की थी।’ पर टिप्पणी करते हुए योगी ने कहा कि मैंने बार-बार कहा कि महाकुंभ में 40-45 करोड़ श्रद्धालु यहां भाग लेंगे। 22 दिन के अंदर 38 करोड़ श्रद्धालु यहां आ चुके हैं। अभी 22-23 दिन और यह आयोजन चलेगा।
मौनी अमावस्या के मौके पर हुए हादसे पर सपा मुखिया अखिलेश यादव का ये कहना कि कोई आंकड़े नहीं दिए गए. जैसे बयान पर योगी ने कहा कि यहां से प्रशासन से जो आंकड़े दिए गए, उन आंकड़ों को मैंने भी सबके सामने रखा। घटना दुखद थी। हर व्यक्ति दुखी था। जितने क्विक रिस्पॉन्स से मेला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआएफ , सिविल डिफेंस सबने मिलकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया। अपने आप में एक मिसाल है।
इन दोनों नेताओं के बयान न केवल इनके सनातन धर्म विरोधी चरित्र को उजागर कराता है बल्कि इनकी उस गिद्ध दृष्टि की ओर भी सबका ध्यान आकर्षित करता है, जो लगातार इस महाकुंभ के खिलाफ पहले दिन से दुष्प्रचार कर रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इनके द्वारा शरारत पर शरारत करते हुए झूठ के नित नए प्रतिमान गढ़े जा रहे हैं। भारत के संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था देश की संसद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सपा के मुखिया अखिलेश यादव का वक्तव्य इस ओर सबका ध्यान आकर्षित करता है।
योगी की मुताबिक दोनों ही नेताओं में एक प्रतिस्पर्धा है कि कौन कितना सनातन विरोधी वक्तव्य दे सके।
कांग्रेस और सपा नेताओं के बयानों पर योगी आदित्यनाथ की तल्खी जायज लगती है। क्योंकि बड़े नेताओं का बिना प्रमाण आधारित वक्तव्य देना वो भी अति संवेदनशील मामलों पर कही से भी जायज नहीं माना जा सकता है। ऐसे बयानों से अफवाहों को बल मिलता है जो किसी बड़े धार्मिक आयोजनों की सफलता के मद्देनजर उचित नहीं है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *