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August 10, 2026
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रविकिशन ने दिखाया मोदी को आईना !

By Shakti Prakash Shrivastva on August 4, 2025
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                                                                                     शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

2014 से देश में सरकार की अगुवाई कर रही बीजेपी और उसके नेता भले ही अपने जनसरोकारी नीतियों की हर फोरम पर तारीफ कर रहे हैं लेकिन उनके ही एक सांसद ने उनकी अच्छी नीतियों में से ही एक कमी को उजागर कर सही मायनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आईना दिखाने का काम किया है। वो भी संसद के पटल पर। ये सांसद है भोजपुरी फिल्मस्टार रविकिशन। ये उत्तर प्रदेश के गोरखपुर संसदीय सीट से बीजेपी के दूसरी बार निर्वाचित सांसद हैं। रवि अपने बेबाक बोल के चलते जनता जनार्दन में खासे लोकप्रिय है। उनकी विशिष्ट शैली के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मुरीद हैं।

इन दिनों संसद का मानसून सत्र चल रहा है। बीते दिनों सांसद रविकिशन ने आमजन से जुड़ा एक मुद्दा उठाते हुए कहा कि होटलों और ढाबों में मिलने वाले समोसे, बड़ा पाव जैसे खाद्य पदार्थों का कोई मानक निर्धारित नहीं है। उन्होंने इस संबंध में कानून बनाने की मांग करते हुए कहा कि जनसंख्या के लिहाज से अपना देश दुनिया में एक नंबर पर है।  करोड़ों-करोड़ लोग रोजाना इन्ही ढाबों और होटलों में भोजन करते हैं। इन जगहों पर ग्राहकों से स्थान और स्तर के हिसाब मूल्य लिया जाता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई में वड़ा पाव खाएंगे वहां अलग कीमत है, फाइव स्टार में जाओ, वहां अलग है। यहां चांदनी चौक में समोसा अलग रेट में मिलता है, गोरखपुर के गोलघर में अलग रेट पर मिलता है। सच्चाई तो ये है कि किस उत्पाद को बनाने में कितनी सामग्री लगेगी इसका कोई मानक ही नहीं है। कहीं समोसा छोटा मिलेगा तो कही बहुत बड़ा मिलेगा। रविकिशन ने कहा कि आजतक इसकी गणित मेरी समझ में नहीं आया। अर्थ व्यवस्था की रीढ़ साबित हो सकने में समर्थ इस बाजार के करोड़ों की तादाद में ग्राहक हैं। चकित करने वाली बात है कि इतना बड़ा बाजार बिना किसी रूल्स एंड रेगुलेशन के चल रहा है। हमारे प्रधानमंत्री जी ने पिछले 11 वर्षों में कई क्षेत्रों में बड़े परिवर्तन किए लेकिन अभी तक ये क्षेत्र उनके लिए अछूता है। संसद में अपने लिए निर्धारित समय में ही रवि किशन ने इस मुद्दे की पुरजोर वकालत करते हुए मांग की, कि छोटे ढाबे से लेकर सामान्य रेस्टोरेंट, फाइव स्टार होटलों तक में मिलने वाले खाद्य पदार्थों के मूल्य, गुणवत्ता और उसकी मात्रा को निर्धारित किया जाना चाहिए।

यह कड़वी सच्चाई है कि पूरे देश में इस तरह का बाजार है। देश के क्या आम और क्या खास सभी इस बाजार के उपभोक्ता है। लेकिन किसी ने भी इस अहम मुद्दे की तरफ ध्यान नहीं दिया। इस मुद्दे को सदन में गंभीरता से उठाकर रविकिशन ने यह प्रमाणित कर दिया कि फिल्मों और राजनीति के लिए अगंभीरता का चोला ओढ़े रविकिशन सही अर्थों में कितने गंभीर है। शायद रविकिशन की इसी लगनशीलता और काम के प्रति ईमानदारी के भाव को देखते हुए ही पिछले दिनों इन्हे संसद में सर्वश्रेष्ठ सांसद सम्मान से नवाजा गया।

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