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August 9, 2026
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BSP की सियासी पिच पर ‘आकाश’ !

By Shakti Prakash Shrivastva on August 13, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

                   बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती अब अपने भतीजे आकाश आनंद को सियासत की मुख्यधारा में तैराना चाहती हैं। क्योंकि पिछले दिनों उन्हे नेशनल कोआर्डिनेटर और चार प्रदेशों का प्रभारी बनाकर यह संकेत दे चुकी हैं। 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान और मध्य प्रदेश में विधानसभा का चुनाव होना हैं। इसके लिए बसपा ने अभी से चुनावी तैयारियां शुरू कर दी है। लेकिन इस बार पहला मौका है जब चुनावी प्रबंधन की ज़िम्मेदारी बसपा सुप्रीमो मायावती की बजाय उनके भतीजे आकाश आनंद के ऊपर है। मायावती अपने इकतीस वर्षीय भतीजे आनंद के ऊपर यह ज़िम्मेदारी दे उसे सियासी तौर पर परिपक्व करना चाहती है। आकाश ने भी इस बाबत अपना एक्शन प्लान तैयार कर रखा है। इस क्रम में आकाश ने बुधवार को भोपाल में बीजेपी सरकार के खिलाफ सड़क पर पैदल मार्च किया। आक्रामकता के साथ किए गए पैदल मार्च में आकाश ने कांग्रेस और बीजेपी जैसी दोनों पार्टियों को निशाने पर रखा था। पिछले ही महीने पार्टी सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना उपचुनाव से पहले आकाश आनंद को राज्य का चुनाव प्रभारी बनाया था। लेकिन फिलवक्त आकाश राजस्थान और मध्य प्रदेश पर ही चुनावी वर्ष होने के नाते अपना ध्यान केन्द्रित किए हुए हैं।

सियासी जानकारों का मानना है कि मायावती ने इन चुनावी राज्यों के सियासी मैदान में एक तरह से आकाश की लॉन्चिंग कर दी है। मायावती की योजना है कि यदि इन प्रदेशों के विधानसभा चुनावों का परिणाम बसपा के पक्ष में रहता हैं तो आकाश को 2024 के लोकसभा से पहले उत्तर प्रदेश में भी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। फिलहाल आकाश बसपा के नेशनल को-ऑर्डिनेटर हैं। भले ही आकाश को अभी ये ज़िम्मेदारी दी गई है लेकिन एक लंबे समय से वह अपनी बुआ मायावती के सियासी कार्यक्रमों में मंच पर कहीं पीछे की लाइन में नजर आते रहे हैं। यहाँ तक की पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में भी आकाश मौजूद रहते हैं। इस तरह ऐसा लगता है कि कम सियासी अनुभव होने के बावजूद मायावती चाहती हैं कि आकाश आनंद को सियासत के पिच पर खुल कर बैटिंग करने का मौका दिया जाये। जिससे कि समय के साथ-साथ चुनाव दर चुनाव आकाश पूर्व की अपेक्षा और सियासी तौर पर परिपक्व हो जाएँ। जानकारों का यह भी मानना है कि आकाश के रूप में मायावती अपना उत्तराधिकारी तैयार कर रही है। हालांकि 2022 में हुए उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मायावती ने साफ तौर पर कहा था कि अभी वह स्वस्थ हैं। जब उन्हे लगेगा कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है तब वो उत्तराधिकारी घोषणा करेंगी। ऐसा कहते समय उन्होने इस बात का भी जिक्र किया था कि उनका उत्तराधिकारी दलित वर्ग से ही होगा। क्योंकि उनकी सियासी पहचान इन्ही की वजह से है।

भले ही पार्टी ने आकाश के लिए उत्तर प्रदेश में कोई भूमिका निर्धारित नही की है लेकिन राजस्थान में आकाश बीते वर्ष से ही खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। बीते साल आकाश के नेतृत्व में ही पार्टी ने अलवर में तेरह किलोमीटर लंबी यात्रा निकाली थी। एक बार फिर 16 अगस्त से लेकर 26 अगस्त के बीच आकाश आनंद राजस्थान सरकार के खिलाफ लगभग 10 से ज्यादा जिलों में पैदल मार्च करने वाले हैं। इसमें अशोक गहलोत सरकार की जो नाकामी हैं, उन्हें लेकर चुनाव से पहले BSP का माहौल बनाने की वो कोशिश करेंगे। सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव आकाश के 1.71 लाख से ज्यादा ट्विटर पर फॉलोअर हैं। चाहे अखिलेश यादव को जवाब देना हो या फिर भाजपा सरकार की नीति के खिलाफ कुछ भी बोलना हो। आकाश आनंद ट्वीट के जरिए कहीं ना कहीं पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते हैं। आकाश वैसे तो दिल्ली में रहते हैं। लेकिन उनकी सियासी भूमिका देखते हुए अब उनका नया आशियाना लखनऊ में तैयार किया जा रहा है। सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि बुआ मायावती ने भतीजे आकाश को माल एवेन्यू इलाके में कांग्रेस कार्यालय के ठीक बगल में एक आलीशान बंगला दिया है। जो मायावती के आवास से चंद कदमों की दूरी पर है। आने वाले समय में आकाश का यही आशियाना पार्टी की सियासत का केंद्र बन जाएगा।

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