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फिल्मवालों होशियार : बचना होगा धर्म सेंसर बोर्ड की ‘कैंची’ से

By Shakti Prakash Shrivastva on January 20, 2023
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शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

हाल के दशक में यह देखा जा रहा है कि फिल्मों, धारावाहिकों सहित वेब सीरीज और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर परोसे जा रहे कार्यक्रमों में दृश्यों, पहनावे या संवादों के जरिये सनातन धर्म संस्कृति की छवि धूमिल करने का चलन बढ़ रहा है। हालांकि समय-समय पर सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा इसका विरोध भी किया जाता रहा है। लेकिन अब देश के संतों ने भी इस प्रवृत्ति पर लगाम लिए जाने की आवश्यकता जताते हुए गंभीर प्रयास शुरू कर दिया है। इस बाबत ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के संरक्षण में एक धर्म सेंसर बोर्ड भी गठित कर दी गयी है। दिल्ली में इसका केन्द्रीय कार्यालय होगा जबकि हर राज्य की राजधानियों सहित जिलों में भी इसके कार्यालय बनाए जाने की योजना है। देश के प्रतिष्ठित नौ सदस्यों वाले इस बोर्ड को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानि फिल्म सेंसर बोर्ड का पूरक बनाया जा रहा है। फिल्मों, धारावाहिकों, वेबसीरिजों, नाटकों आदि में किए जा रहे सनातन धर्म-संस्कृति की छवि धूमिल करने वाले कुत्सित प्रयासों पर कैसे अंकुश लगाए जाये इस बाबत विस्तृत गाइडलाइन गुरुवार को जारी कर दी गयी। प्रयागराज के माघमेला क्षेत्र में अपने आश्रम में मीडिया के सामने ज्योतिष्पीठाधीश्वर ने इसे जारी किया। इस मौके पर उन्होने कहा कि हमारी कार्यशैली झोंकना, टोकना और रोकना की होगी। झोंकने का अर्थ है कि हम पहले अपनी बात उन तक पहुंचाएंगे। यदि इससे बात नहीं बनी तो टोकेंगे और इसके बाद उन्हें रोकने का हर सम्भव प्रयास किया जाएगा। इतना ही नहीं फिल्म, वेबसीरीज़, धारावाहिकों के अलावा स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों में होने वाले नाट्य मंचनों तक पर बोर्ड की निगरानी होगी। इन प्लेटफार्मों पर यदि कोई विषय वस्तु धर्म विरुद्ध पायी जाती है तो इसके प्रस्तुतकर्ता, स्टेक होल्डर के विरुद्ध भी धर्म अभिवेचन सेवालय अपनी कार्यवाही सुनिश्चित करेगी। सुरेश मनचंदा को इस बोर्ड का प्रमुख बनाया गया है। इनके अलावा अन्य सदस्य सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. पीएन मिश्र, स्वामी चक्रपाणि, अभिनेत्री मानसी पांडेय, उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के उपाध्यक्ष तरुण राठी, कैप्टन अरविंद सिंह भदौरिया, प्रीति शुक्ला, डॉ. गार्गी पंडित, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व निदेशक डॉ. धर्मवीर हैं।

 

 

 

 

 

 

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