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August 10, 2026
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योगी का फिर तारणहार बनेगा संघ!

By Shakti Prakash Shrivastva on April 11, 2025
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                                                                                       शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव

ऐतिहासिक सियासी घटनाक्रम के बाद गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ को 2017 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का सुअवसर मिला था। उस समय बीजेपी आलाकमान का एक तबका उनके मुख्यमंत्री बनने से भीतर ही भीतर असन्तुष्ट था। यह अलग बात है कि पार्टी की प्राथमिकता से इतर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पसंद होने के नाते योगी की राह में बाधा बनने का साहस कोई नहीं कर सका। हालांकि दबी जुबान पूरी पार्टी के भीतर संघ के इस दबाव को सही नहीं ठहराया गया। लेकिन इस पर कोई मुखर नहीं हुआ। तभी से योगी के मुख्यमंत्री बनने से आहत लोग लगातार इनके पदच्युत करने की जुगत में लगे रहे। लगभग आठ साल से अधिक का समय बीत गया और अभी भी योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हुए है। पिछले दिनों महाकुंभ की सफलता से सरकार को मिली शोहरत से भी इस जमात की तकलीफ़े बढ़ गईं। नए सिरे से कुछ बाधाएं खड़ी करने सरीखी खबरे मीडिया की सुर्खियां बनी। लेकिन इस बार भी संघ योगी के तारणहार सरीखा योगी के साथ खड़ा हो गया।

पहली बार योगी आदित्यनाथ 2017 में प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उनके मुख्यमंत्री बनने की कुल पटकथा चौबीस घंटे के अंदर लिखी गई थी। जिसका लेखक संघ परिवार था। वो परिवार जिसने भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकारों को सोचने-समझने तक का मौका तक नहीं दिया और मुख्यमंत्री के लिए गोरखपुर स्थित नाथ संप्रदाय के गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर व पार्टी सांसद योगी आदित्यनाथ का नाम थमा दिया। पार्टी की तरफ से लगभग मुख्यमंत्री तय हो चुके मनोज सिन्हा को न चाहते हुए भी वापस होना पड़ा। कारण संघ के सुझाव को दरकिनार करने की स्थिति में पार्टी नहीं थी। लिहाजा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बन तो गए लेकिन उन पर दबाव बनाए रखने के लिए उनके कुर्सी के समानांतर एक पावर सेंटर लगातार बनाए रखा गया। कुछ-कुछ दिनों पर योगी के हटाने का शिगूफ़ा मीडिया की सुर्खियां बनने दिया गया। लेकिन ऐसी सुर्खियों के बीच एक-एक दिन काटते हुए योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में लगातार बहुमत के साथ न केवल दूसरी बार सरकार बनाया बल्कि उसके मुखिया भी बने रहे। लेकिन बदले माहौल में एक बार फिर संघ उनके साथ न केवल खड़ा है बल्कि सरकार के साथ मिलकर 2027 के विधानसभा चुनाव का रोडमैप भी तैयार कर रहा है। मंगलवार को लखनऊ में संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल की मौजूदगी में संघ के आर्थिक समूह के साथ समन्वय बैठक में जनता के फीडबैक के आधार पर सरकार को काम करने का सुझाव दिया गया। इसके लिए रोजगार, रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती और किसानों-गरीबों से जुड़े मुद्दों पर खास फोकस होगा। संघ प्रमुख मोहन भागवत की मंशानुसार गांवों-गांवों में शाखाओं का विस्तार करने और निष्क्रिय स्वयंसेवकों को पुनः सक्रिय करने जैसे काम को प्राथमिकता दी जाएगी। इस बैठक में भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, सहकार भारती, लघु उद्योग भारती समेत कई संगठनों के पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, उद्योग मंत्री नंद गोपाल नंदी, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान भी मौजूद रहे।

 

 

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